साद · 2/88
अनुवाद उच्चारण — साद
بَلِ الَّذِينَ كَفَرُوا فِي عِزَّةٍ وَشِقَاقٍ ۝٢
Balil lazeena kafaroo fee `izzatilnw wa shiqaaq
📖 हिंदी अर्थ
मगर ये कुफ्फ़ार (ख्वाहमख्वाह) तकब्बुर और अदावत में (पड़े अंधे हो रहें हैं)
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • عِزَّةٍ (इज़्ज़त): यहाँ इसका अर्थ है घमंड, अकड़ और हठ।
  • شِقَاقٍ (शिक़ाक़): इसका अर्थ है विरोध, झगड़ा, और दुश्मनी।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला उन लोगों की स्थिति बयान कर रहे हैं जिन्होंने सत्य को ठुकरा दिया। ये लोग, विशेष रूप से मक्का के काफ़िर, जब सच्चाई उनके सामने आई तो उन्होंने उसे स्वीकार करने के बजाय घमंड और अकड़ का रास्ता अपनाया। उनके दिलों में अपनी बड़ाई का भाव था, वे खुद को बड़ा समझते थे और इसी घमंड की वजह से उन्होंने अल्लाह की तौहीद (एकता) को कबूल करने से इनकार कर दिया।

साथ ही, वे नबी करीम ﷺ के विरोध में खड़े हो गए, उनसे दुश्मनी रखी और उनके खिलाफ झगड़ा किया। उनका यह रवैया सिर्फ सच्चाई से भटकना नहीं था, बल्कि वे जानबूझकर हठ और विरोध पर अड़े हुए थे। उनका घमंड और विरोध ही उनके इनकार का कारण बना, क्योंकि सच्चाई को स्वीकार करने के लिए नम्रता और खुले दिल की जरूरत होती है, जो उनमें नहीं थी।

यह आयत हमें सिखाती है कि घमंड और हठ इंसान को सत्य से दूर कर देते हैं। जब इंसान के दिल में अकड़ आ जाती है, तो वह सही बात को भी नहीं मानता, चाहे वह कितनी ही स्पष्ट क्यों न हो। इसलिए हमें हमेशा नम्रता और विनम्रता अपनानी चाहिए, क्योंकि यही वह गुण है जो इंसान को हिदायत (मार्गदर्शन) की ओर ले जाता है।

अल्लाह तआला हमें घमंड और हठ से बचाए और हमारे दिलों में सच्चाई को कबूल करने की तौफ़ीक़ (ताकत) पैदा करे। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 1-4 — साद

1ص ۚ وَالْقُرْآنِ ذِي الذِّكْرِ
सआद नसीहत करने वाले कुरान की क़सम (तुम बरहक़ नबी हो)
2بَلِ الَّذِينَ كَفَرُوا فِي عِزَّةٍ وَشِقَاقٍ
मगर ये कुफ्फ़ार (ख्वाहमख्वाह) तकब्बुर और अदावत में (पड़े अंधे हो रहें हैं)
3كَمْ أَهْلَكْنَا مِن قَبْلِهِم مِّن قَرْنٍ فَنَادَوا وَّلَاتَ حِينَ مَنَاصٍ
हमने उन से पहले कितने गिरोह हलाक कर डाले तो (अज़ाब के वक्त) ये लोग चीख़ उठे मगर छुटकारे का वक्त ही न रहा था
4وَعَجِبُوا أَن جَاءَهُم مُّنذِرٌ مِّنْهُمْ ۖ وَقَالَ الْكَافِرُونَ هَٰذَا سَاحِرٌ كَذَّابٌ
और उन लोगों ने इस बात से ताज्जुब किया कि उन्हीं में का (अज़ाबे खुदा से) एक डरानेवाला (पैग़म्बर) उनके पास आया और काफिर लोग कहने लगे कि ये तो बड़ा (खिलाड़ी) जादूगर और पक्का झूठा है
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अनुवाद — साद 2

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Tuesday, August 18, 2026

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