अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أُولِي الْأَيْدِي: शक्ति और ताकत वाले, अल्लाह की इबादत में मज़बूती रखने वाले।
- وَالْأَبْصَار: बसीरत (दिल की आँखें), दीन की समझ और सही दृष्टि वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप हमारे उन ख़ास बंदों को याद करें — इब्राहीम, इस्हाक़ और याक़ूब (अलैहिमुस्सलाम) — जिन्हें हमने अपनी इबादत के लिए चुन लिया था और रिसालत (पैग़म्बरी) के लिए मुंतख़ब किया था। ये वे महान हस्तियाँ थीं जिनके पास दो बड़ी नेअमतें थीं: एक यह कि वे अल्लाह की इताअत (आज्ञाकारिता) में पूरी ताकत और मज़बूती रखते थे, इबादत में कोई कसर नहीं छोड़ते थे, और अच्छे कामों में हमेशा आगे रहते थे। दूसरे यह कि उनके पास बसीरत थी — यानी दीन की सच्ची समझ, सही निर्णय की क्षमता और हक़ को पहचानने वाली आँखें। वे दुनिया की मोहम्मद (धोखे) में नहीं पड़े, बल्कि उन्होंने हर हाल में सच्चाई को देखा और उसी पर चले।
यह ज़िक्र सिर्फ़ इतिहास की कहानी नहीं है, बल्कि हमारे लिए सबक़ और नसीहत है। अल्लाह तआला हमें बताना चाहता है कि जो बंदे मेरी राह में ताकत लगाते हैं और दिल की आँखों से हक़ को देखते हैं, वही मेरे करीब होते हैं। इन पैग़म्बरों की सीरत हमारे लिए मशाल है — हमें भी इबादत में मज़बूती, अच्छे कामों में जोश और दीन की समझ में गहराई पैदा करनी चाहिए। जब हम इन पाक हस्तियों को याद करते हैं, तो हमारा दिल इत्मीनान पाता है और हौसला बढ़ता है कि अल्लाह की राह में की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। ये वही इब्राहीम हैं जिन्होंने आग में कूदकर तौहीद की मिसाल क़ायम की, इस्हाक़ और याक़ूब जिन्होंने नबुव्वत को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाया — और यह सब कुछ अल्लाह की मेहरबानी से हुआ। आइए, हम भी इनके नक़्शे-क़दम पर चलें और अपनी ज़िंदगी को इबादत, सब्र और बसीरत की रोशनी से मुनव्वर करें।
📜 आयत 43-47 — साद
अनुवाद — साद 45
सूरा साद आयत 45 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक वह हमारी बारगाह में बड़े झुकने वाले थे और…सूरा आयत 45/88 — साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: साद सुनें, साद अनुवाद, साद mp3, साद pdf. आयत 43–47. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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