साद · 45/88
अनुवाद उच्चारण — सूरा साद
وَاذْكُرْ عِبَادَنَا إِبْرَاهِيمَ وَإِسْحَاقَ وَيَعْقُوبَ أُولِي الْأَيْدِي وَالْأَبْصَارِ ۝٤٥
Wazkur `ibaadanaaa Ibraaheema wa Is-haaqa wa Ya`qooba ulil-aydee walabsaar
📖 हिंदी अर्थ
बेशक वह हमारी बारगाह में बड़े झुकने वाले थे और (ऐ रसूल) हमारे बन्दों में इब्राहीम और इसहाक़ और बेशक वह (हमारी बारगाह में) बड़े झुकने वाले थे और (ऐ रसूल) हमारे बन्दों में इबराहीम और इसहाक़ और याकूब को याद करो जो कुवत और बसीरत वाले थे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أُولِي الْأَيْدِي: शक्ति और ताकत वाले, अल्लाह की इबादत में मज़बूती रखने वाले।
  • وَالْأَبْصَار: बसीरत (दिल की आँखें), दीन की समझ और सही दृष्टि वाले।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! आप हमारे उन ख़ास बंदों को याद करें — इब्राहीम, इस्हाक़ और याक़ूब (अलैहिमुस्सलाम) — जिन्हें हमने अपनी इबादत के लिए चुन लिया था और रिसालत (पैग़म्बरी) के लिए मुंतख़ब किया था। ये वे महान हस्तियाँ थीं जिनके पास दो बड़ी नेअमतें थीं: एक यह कि वे अल्लाह की इताअत (आज्ञाकारिता) में पूरी ताकत और मज़बूती रखते थे, इबादत में कोई कसर नहीं छोड़ते थे, और अच्छे कामों में हमेशा आगे रहते थे। दूसरे यह कि उनके पास बसीरत थी — यानी दीन की सच्ची समझ, सही निर्णय की क्षमता और हक़ को पहचानने वाली आँखें। वे दुनिया की मोहम्मद (धोखे) में नहीं पड़े, बल्कि उन्होंने हर हाल में सच्चाई को देखा और उसी पर चले।

यह ज़िक्र सिर्फ़ इतिहास की कहानी नहीं है, बल्कि हमारे लिए सबक़ और नसीहत है। अल्लाह तआला हमें बताना चाहता है कि जो बंदे मेरी राह में ताकत लगाते हैं और दिल की आँखों से हक़ को देखते हैं, वही मेरे करीब होते हैं। इन पैग़म्बरों की सीरत हमारे लिए मशाल है — हमें भी इबादत में मज़बूती, अच्छे कामों में जोश और दीन की समझ में गहराई पैदा करनी चाहिए। जब हम इन पाक हस्तियों को याद करते हैं, तो हमारा दिल इत्मीनान पाता है और हौसला बढ़ता है कि अल्लाह की राह में की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। ये वही इब्राहीम हैं जिन्होंने आग में कूदकर तौहीद की मिसाल क़ायम की, इस्हाक़ और याक़ूब जिन्होंने नबुव्वत को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाया — और यह सब कुछ अल्लाह की मेहरबानी से हुआ। आइए, हम भी इनके नक़्शे-क़दम पर चलें और अपनी ज़िंदगी को इबादत, सब्र और बसीरत की रोशनी से मुनव्वर करें।



📜 आयत 43-47 — सूरा साद

43وَوَهَبْنَا لَهُ أَهْلَهُ وَمِثْلَهُم مَّعَهُمْ رَحْمَةً مِّنَّا وَذِكْرَىٰ لِأُولِي الْأَلْبَابِ
और हमने उनको और उनके लड़के वाले और उनके साथ उतने ही और अपनी ख़ास मेहरबानी से अता किए
44وَخُذْ بِيَدِكَ ضِغْثًا فَاضْرِب بِّهِ وَلَا تَحْنَثْ ۗ إِنَّا وَجَدْنَاهُ صَابِرًا ۚ نِّعْمَ الْعَبْدُ ۖ إِنَّهُ أَوَّابٌ
और अक्लमंदों के लिए इबरत व नसीहत (क़रार दी) और हमने कहा ऐ अय्यूब तुम अपने हाथ से सींको का मट्ठा लो (और उससे अपनी बीवी को) मारो अपनी क़सम में झूठे न बनो हमने कहा अय्यूब को यक़ीनन साबिर पाया वह क्या अच्छे बन्दे थे
45وَاذْكُرْ عِبَادَنَا إِبْرَاهِيمَ وَإِسْحَاقَ وَيَعْقُوبَ أُولِي الْأَيْدِي وَالْأَبْصَارِ
बेशक वह हमारी बारगाह में बड़े झुकने वाले थे और (ऐ रसूल) हमारे बन्दों में इब्राहीम और इसहाक़ और बेशक वह (हमारी बारगाह में) बड़े झुकने वाले थे और (ऐ रसूल) हमारे बन्दों में इबराहीम और इसहाक़ और याकूब को याद करो जो कुवत और बसीरत वाले थे
46إِنَّا أَخْلَصْنَاهُم بِخَالِصَةٍ ذِكْرَى الدَّارِ
हमने उन लोगों को एक ख़ास सिफत आख़ेरत की याद से मुमताज़ किया था
47وَإِنَّهُمْ عِندَنَا لَمِنَ الْمُصْطَفَيْنَ الْأَخْيَارِ
और इसमें शक नहीं कि ये लोग हमारी बारगाह में बरगुज़ीदा और नेक लोगों में हैं
सादकुरान सूची
88आयत
मक्कीअवतरण स्थान
45आयत

अनुवाद — साद 45

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Monday, September 28, 2026

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