अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَخْلَصْنَاهُم: हमने उन्हें ख़ालिस (विशुद्ध) कर दिया, यानी उन्हें चुन लिया और उनके दिलों को दुनिया की मोहब्बत से पाक कर दिया।
- بِخَالِصَةٍ: एक विशेष और उत्तम गुण के साथ, जो उन्हें अकेले दिया गया।
- ذِكْرَى الدَّارِ: आख़िरत के घर (आख़िरत) की याद, यानी उनके दिलों में आख़िरत की याद और उसकी तैयारी का जज़्बा।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने अपने इन पवित्र नबियों (इब्राहीम, इस्हाक़ और याक़ूब अलैहिमुस्सलाम) का ज़िक्र करते हुए फ़रमाया कि हमने उन्हें एक ऐसी ख़ास विशेषता से नवाज़ा जो बहुत बड़ी नेमत थी — वह यह कि हमने उनके दिलों में आख़िरत की याद को जगह दी। उनके दिल दुनिया की चमक-दमक और फ़ानी लज़्ज़तों की तरफ़ नहीं झुके, बल्कि हमेशा उस आख़िरी घर की फ़िक्र में डूबे रहे, जहाँ हमेशा की ज़िंदगी है।
इसी याद ने उन्हें अमल-ए-सालिह (नेक कामों) की तरफ़ रग़बत दिलाई, उन्हें अल्लाह की इबादत में मशग़ूल रखा, और उन्होंने अपनी उम्मतों को भी आख़िरत की याद दिलाई और उसकी तैयारी की तरफ़ बुलाया। यही उनकी ख़ासियत थी कि वे दुनिया को आख़िरत पर तरजीह नहीं देते थे, बल्कि हर पल उस दिन को याद करते थे जब सब कुछ सामने आ जाएगा।
अल्लाह ने उन्हें अपनी रिसालत (पैग़म्बरी) और इबादत के लिए चुना था, और उनके दिलों को दुनिया की मुहब्बत से पाक कर दिया था। यह उनके लिए अल्लाह की तरफ़ से एक बड़ा इनाम और सम्मान था।
दावती पहलू:
इस आयत से हमें सबक़ मिलता है कि अल्लाह के नेक बंदों की पहचान यह है कि उनके दिल आख़िरत की याद से जुड़े होते हैं। जिस बंदे का दिल आख़िरत की याद से भरा हो, वह दुनिया की मोहब्बत में ग़ाफ़िल नहीं होता, बल्कि हर अमल में आख़िरत की कामयाबी को सामने रखता है। आज हमें भी अपने दिलों को दुनिया की मशग़ूलियों से निकालकर आख़िरत की याद से जोड़ना चाहिए। याद रखिए, यह दुनिया एक मंज़िल है, और असली घर आख़िरत है। जिसने इस घर को याद रखा और उसकी तैयारी की, वही कामयाब है। अल्लाह हमें भी अपने नेक बंदों की तरह आख़िरत की याद और उसकी तैयारी की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 44-48 — साद
अनुवाद — साद 46
सूरा साद आयत 46 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हमने उन लोगों को एक ख़ास सिफत आख़ेरत की याद…सूरा आयत 46/88 — साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: साद सुनें, साद अनुवाद, साद mp3, साद pdf. आयत 44–48. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








