Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَن قَدَّمَ لَنَا هَذَا: जिसने हमें इस (कुफ्र) की ओर अग्रसर किया और हमारे लिए इसका रास्ता आसान बनाया।
- عَذَابًا ضِعْفًا: दोगुना या कई गुना बढ़ा हुआ अज़ाब।
तफ़सीर:
यह आयत उस हालत का वर्णन करती है जब जहन्नम के अंदर गुनहगार लोग एक-दूसरे को देखेंगे और आपस में झगड़ेंगे। जो लोग कमज़ोर और पैरोकार (अनुयायी) थे, वे अपने सरदारों और बड़ों की तरफ इशारा करके कहेंगे: "ऐ हमारे रब! जिसने हमें इस अंजाम तक पहुँचाया और हमें गुमराही की राह पर डाला, उसे तू आग में दोगुना अज़ाब दे।" यानी वे उन लोगों के लिए अज़ाब में बढ़ोतरी की दुआ करेंगे, जिन्होंने उन्हें सच्चाई से भटकाया और कुफ्र व गुनाह की तरफ बुलाया। यह उनकी मजबूरी और पछतावे का इज़हार होगा, लेकिन उस दिन यह पछतावा और यह दुआ उनके किसी काम न आएगी।
यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया में हमें बहुत होशियार रहना चाहिए कि हम किसकी बात मान रहे हैं और किसके पीछे चल रहे हैं। जो लोग हमें अल्लाह की राह से भटकाते हैं, वे क़यामत के दिन हमारे दुश्मन बन जाएँगे और हम उन्हें बुरा भला कहेंगे, लेकिन वहाँ कोई मदद नहीं मिलेगी। इसलिए आज ही हमें सच्चाई को पहचानना चाहिए और अल्लाह की किताब व उसके नबी ﷺ की सुन्नत को अपना रहनुमा बनाना चाहिए। यही वह रास्ता है जो हमें जहन्नम की आग से बचाकर जन्नत की नेमतों तक पहुँचाएगा। अल्लाह हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे और हमें उन लोगों में से न बनाए जो दूसरों को गुमराह करते हैं या गुमराहों के पीछे चलते हैं। आमीन।
📜 आयत 59-63 — सूरा साद
अनुवाद — साद 61
सूरा साद आयत 61 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (फिर वह) अर्ज़ करेगें परवरदिगार जिस शख्स ने हमारा इस…सूरा आयत 61/88 — सूरा साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा साद सुनें, सूरा साद अनुवाद, सूरा साद mp3, सूरा साद pdf. आयत 59–63. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा साद
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


