अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حَقَّ عَلَيْهِ – उस पर साबित हो गई, अनिवार्य हो गई।
- كَلِمَةُ الْعَذَابِ – यातना की बात, अर्थात अल्लाह का फैसला और आदेश कि वह यातना का हकदार है।
- تُنقِذُ – तुम बचा सकते हो, छुड़ा सकते हो।
व्याख्या:
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण सत्य समझा रहे हैं। जिस व्यक्ति पर अल्लाह की ओर से यातना का फैसला साबित हो चुका है—यानी जो अपने कुफ्र और अवज्ञा पर अड़ा रहा, हठ और जिद के साथ सत्य को ठुकराता रहा, और जिसके बारे में अल्लाह का अटल निर्णय हो चुका है कि वह नरक में जाएगा—तो ऐसे व्यक्ति को कौन बचा सकता है? क्या आप ऐसे लोगों को आग से निकाल सकते हैं?
यह एक ऐसा प्रश्न है जो स्वयं ही उत्तर दे देता है। इसका अर्थ यह है कि हे नबी! आप केवल सत्य का संदेश पहुँचाने वाले हैं, आपका काम लोगों को सीधा रास्ता दिखाना है, लेकिन जिस व्यक्ति का दिल मुहरबंद हो चुका हो और जिसने अपनी जिद और कुफ्र के कारण अल्लाह की यातना को अपने ऊपर अनिवार्य कर लिया हो, उसे आप हिदायत नहीं दे सकते। आप किसी को नरक से नहीं बचा सकते, यह केवल अल्लाह ही के अधिकार में है। अल्लाह ने कुछ लोगों के लिए पहले ही फैसला सुना दिया था: "ये नरक के लिए हैं, और मुझे इनकी परवाह नहीं।"
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सीख देती है कि हिदायत और गुमराही पूरी तरह अल्लाह के हाथ में है। हमारा काम केवल अच्छी बात पहुँचाना है, लेकिन दिलों को बदलना अल्लाह का काम है। साथ ही यह भी चेतावनी है कि जो लोग सत्य के सामने हठ और घमंड करते हैं, वे अपने लिए यातना का फैसला स्वयं सील कर लेते हैं।
इस आयत से हमें यह भी सीख मिलती है कि हमें अपने जीवन में हर पल अल्लाह की रहमत और मार्गदर्शन के लिए प्रार्थना करनी चाहिए, क्योंकि कौन जानता है कि हमारा अंत कैसा होगा। हमें अपने दिलों को नरम रखना चाहिए, सत्य को स्वीकार करने में देरी नहीं करनी चाहिए, और अल्लाह की ओर लौटने में कोई ढील नहीं बरतनी चाहिए। याद रखें, अल्लाह की रहमत का द्वार तब तक खुला है जब तक कि मौत न आ जाए, लेकिन जो लोग जानबूझकर सत्य को ठुकराते हैं और हठ पर अड़े रहते हैं, वे अपने लिए केवल पछतावा और यातना ही कमाते हैं।
📜 आयत 17-21 — अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 19
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो (ऐ रसूल) भला जिस शख्स पर अज़ाब का वायदा…सूरा आयत 19/75 — अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुमर सुनें, अज़-ज़ुमर अनुवाद, अज़-ज़ुमर mp3, अज़-ज़ुमर pdf. आयत 17–21. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








