अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ग़ुरफ़ (غُرَف): ऊँचे महल, ऊपरी कक्ष और मंज़िलें।
- मब्नियyah (مَّبْنِيَّة): बनाई हुई, जो एक के ऊपर एक बनाई गई हों।
- मी'आद (مِيعَاد): वादा, नियत समय।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उन लोगों की स्थिति बयान कर रहे हैं जो उससे डरते हैं और उसकी नाफ़रमानी से बचते हैं। ये वे लोग हैं जो अपने रब के आदेशों का पालन करते हैं और उसकी मना की हुई चीज़ों से दूर रहते हैं। उनके लिए जन्नत में ऊँचे-ऊँचे महल हैं, जो एक के ऊपर एक बनाए गए हैं — जैसे दुनिया में मंज़िलें बनाई जाती हैं, लेकिन उनकी ख़ूबसूरती और शान का अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता। उन महलों के नीचे नहरें बहती हैं, जो हर तरफ़ फैली हुई हैं और उनके बाग़ों को सींचती हैं।
यह अल्लाह का वादा है — और अल्लाह कभी अपना वादा नहीं तोड़ता। यह वादा उसने अपने डरने वाले बंदों से किया है, और वह इसे पूरा करके रहेगा। अल्लाह की ज़ात ख़िलाफ़-वादी से पाक है, क्योंकि वादा ख़िलाफ़ करना कमज़ोरी और नुक़्सान की निशानी है, और अल्लाह हर कमज़ोरी और हर नुक़्स से मुक्त है।
दावती पहलू:
इस आयत में अल्लाह तआला ने अपने प्यारे बंदों को सबसे बड़ी ख़ुशख़बरी दी है। जो लोग दुनिया में उससे डरते हैं और उसकी राह पर चलते हैं, उनके लिए ऐसी जगहें तैयार हैं जिनका कोई दिल में अंदाज़ा नहीं लगा सकता। यह अल्लाह की रहमत और करम का इनाम है — उनके अच्छे कामों के बदले में नहीं, बल्कि उसकी फ़ज़ल से। तो आइए, हम भी उन लोगों में शामिल हों जो अल्लाह से डरते हैं, उसकी इबादत को ख़ालिस करते हैं, और उसके वादे पर भरोसा रखते हैं। यही कामयाबी की राह है — दुनिया में इज़्ज़त और आख़िरत में जन्नत के ऊँचे महल। अल्लाह का वादा सच्चा है, और उसका इनाम बेहतरीन है।
📜 आयत 18-22 — अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 20
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 20 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो आग में (पड़ा) हो मगर जो लोग अपने परवरदिगार…सूरा आयत 20/75 — अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुमर सुनें, अज़-ज़ुमर अनुवाद, अज़-ज़ुमर mp3, अज़-ज़ुमर pdf. आयत 18–22. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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