Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْكِتَابَ (अल-किताब): कुरआन।
- بِالْحَقِّ (बिल-हक़): सत्य के साथ, अर्थात जो सत्य और न्याय पर आधारित हो।
- مُخْلِصًا (मुख़्लिसन): ख़ालिस करते हुए, केवल अल्लाह के लिए।
- الدِّينَ (अद-दीन): इबादत, आज्ञाकारिता और भक्ति।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! हमने आपकी ओर यह किताब (कुरआन) सत्य के साथ उतारी है। इसका हर ख़बर सच्ची है और इसके हर हुक्म में न्याय और इंसाफ़ है। यह किताब अंधेरों से निकालकर रोशनी की ओर ले जाने वाली है, और यही वह रास्ता है जो इंसान को उसके रब तक पहुँचाता है।
इसलिए ऐ नबी! आप अल्लाह की इबादत करें, और उसकी इबादत को पूरी तरह से उसी के लिए ख़ालिस कर दें। अपनी नमाज़, अपनी दुआ, अपनी क़ुर्बानी, अपना जीवन और अपनी मौत — सब कुछ केवल अल्लाह के लिए हो। उसमें किसी को शरीक न करें, न किसी बुत को, न किसी इंसान को, न किसी ताक़त को। दीन को ख़ालिस करने का मतलब यह है कि इबादत सिर्फ़ अल्लाह की हो, और उसकी इबादत में किसी तरह का कोई शिर्क (साझेदारी) न हो।
यह आयत हमें सिखाती है कि इबादत की रूह (आत्मा) इख़लास (निष्ठा) है। जिस तरह शरीर के बिना रूह ज़िंदा नहीं रह सकती, उसी तरह इख़लास के बिना इबादत क़ुबूल नहीं होती। अल्लाह तआला उसी अमल को क़ुबूल करता है जो सिर्फ उसकी रज़ा (खुशी) के लिए किया जाए।
ऐ इंसान! तू अपने दिल में देख — तेरी इबादत किसके लिए है? क्या तू सिर्फ अल्लाह के लिए करता है, या लोगों की तारीफ़ के लिए? क्या तू अल्लाह से डरता है, या किसी और से? याद रख, अल्लाह उसी दिल को क़ुबूल करता है जो उसके लिए ख़ालिस हो। जब तू अपनी इबादत को ख़ालिस कर लेगा, तो अल्लाह तेरे कामों में बरकत देगा, तेरे दिल को सुकून देगा, और तुझे वह मंज़िल देगा जो उसके नेक बंदों को मिलती है — यानी जन्नत और उसकी रज़ा।
यह आयत हर मुसलमान के लिए एक नुस्ख़ा है: अपने अमल को सिर्फ अल्लाह के लिए करो, और देखो कि अल्लाह कैसे तुम्हारे हालात बदल देता है। जो लोग अपने दीन को ख़ालिस कर लेते हैं, अल्लाह उन्हें दुनिया में इज़्ज़त देता है और आख़िरत में जन्नत। यही सबसे बड़ी कामयाबी है।
📜 आयत 1-4 — सूरा अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 2
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) हमने किताब (कुरान) को बिल्कुल ठीक नाज़िल किया…सूरा आयत 2/75 — सूरा अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुमर सुनें, सूरा अज़-ज़ुमर अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुमर mp3, सूरा अज़-ज़ुमर pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुमर
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


