अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَسْتَفْتُونَكَ – आपसे फ़तवा (निर्णय/मार्गदर्शन) पूछते हैं।
- يُفْتِيكُمْ – तुम्हें निर्णय/मार्गदर्शन देता है।
- يَتَامَى – अनाथ (वे महिलाएँ जिनके पिता का देहांत हो चुका हो)।
- لَا تُؤْتُونَهُنَّ – तुम उन्हें नहीं देते।
- مَا كُتِبَ لَهُنَّ – जो (हक़) उनके लिए निर्धारित किया गया है (मेहर, विरासत)।
- تَرْغَبُونَ – तुम चाहते हो / रुचि रखते हो।
- أَن تَنكِحُوهُنَّ – कि तुम उनसे विवाह करो।
- الْمُسْتَضْعَفِينَ – कमज़ोर/अशक्त लोग।
- الْوِلْدَانِ – छोटे बच्चे।
- بِالْقِسْطِ – न्याय/इंसाफ़ के साथ।
तफ़सीर (व्याख्या):
हे नबी! लोग आपसे महिलाओं के मामलों में फ़तवा पूछते हैं। आप उन्हें बता दें कि अल्लाह तआला स्वयं उनके बारे में निर्णय देता है, और वह भी जो क़ुरआन में अनाथ महिलाओं के संबंध में पढ़ा जाता है। वे अनाथ महिलाएँ जिन्हें तुम उनका हक़ (मेहर और विरासत) नहीं देते, और उनसे विवाह करने की इच्छा भी नहीं रखते—बल्कि उनके धन के लालच में उन्हें विवाह से रोके रखते हो। अल्लाह तुम्हें निर्देश देता है कि उनके साथ न्याय करो और उनके अधिकार पूरे करो।
इसी प्रकार, अल्लाह तुम्हें कमज़ोर बच्चों के बारे में भी निर्णय देता है—कि उन्हें उनका हक़ दो, उन पर अत्याचार न करो, और उनकी संपत्ति पर कब्ज़ा न करो। और अनाथों के साथ पूर्ण न्याय करने का आदेश देता है, ताकि उनके दुनिया और आख़िरत दोनों के मामले सुधर जाएँ।
तुम जो भी भलाई करोगे—चाहे वह अनाथों के साथ हो या किसी और के साथ—अल्लाह उसे जानता है और उसका पूरा बदला देगा। उसके ज्ञान से कोई चीज़ छिपी नहीं है, और वह तुम्हारे हर अच्छे काम की क़द्र करेगा।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें सिखाती है कि इस्लाम ने हर कमज़ोर और बेसहारा व्यक्ति—विशेषकर अनाथ महिलाओं और बच्चों—के अधिकारों की रक्षा का पूरा प्रबंध किया है। अल्लाह तआला ने उनके हक़ों को स्पष्ट रूप से बयान कर दिया है, ताकि समाज में न्याय और दया का राज हो। यह हमारे लिए एक बड़ी नेमत है कि हमारा दीन हमें कमज़ोरों के साथ इंसाफ़ करने की तालीम देता है। आइए, हम अपने जीवन में इन शिक्षाओं को अपनाएँ और अल्लाह की रज़ा के लिए भलाई के काम करें—क्योंकि अल्लाह हर अच्छे काम को देखता है और उसका अज्र (बदला) अवश्य देगा। यही सच्ची कामयाबी का रास्ता है।
📜 आयत 125-129 — अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 127
सूरा अन-निसा आयत 127 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) ये लोग तुमसे (यतीम लड़कियों) से निकाह के…सूरा आयत 127/176 — अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-निसा सुनें, अन-निसा अनुवाद, अन-निसा mp3, अन-निसा pdf. आयत 125–129. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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