अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نَطْمِسَ (नत्मिस): मिटा देना, चेहरे के निशानों को बदल देना, जिससे चेहरा पीठ के समान चिकना हो जाए।
- نَرُدَّهَا عَلَىٰ أَدْبَارِهَا (नरुद्दहा अला अद्बारिहा): उसे उलट कर पीठ की तरफ कर देना, यानी चेहरे को पीठ के स्थान पर कर देना।
- نَلْعَنَهُمْ (नल्अनहुम): उन्हें रहमत से दूर कर देना, उन पर लानत भेजना।
- أَصْحَابَ السَّبْتِ (अस्हाबुस्सब्त): सब्त (शनिवार) वाले लोग, यानी वे यहूदी जिन्होंने शनिवार के दिन मछली पकड़ने की मनाही का उल्लंघन किया था।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ लोगों, जिन्हें किताब (तौरात और इंजील) दी गई है! उस किताब पर ईमान लाओ जो हमने (क़ुरआन) उतारी है, क्योंकि वह उन किताबों की पुष्टि करती है जो तुम्हारे पास हैं। यह ईमान उस समय से पहले लाओ जब हम चेहरों को मिटा कर उन्हें पीठ की तरफ फेर दें, यानी चेहरे की आँख, नाक, भौंह आदि को मिटा कर उसे चिकना कर दें और उसे पीठ के समान बना दें, या उन पर लानत भेजें जैसे हमने सब्त (शनिवार) वालों पर लानत भेजी थी, जिन्होंने शनिवार के दिन शिकार करने की मनाही के बावजूद उल्लंघन किया, तो उन्हें बंदरों में बदल दिया गया और वे रहमत से दूर कर दिए गए। अल्लाह का फैसला और उसकी तक़दीर अवश्य पूरी होकर रहेगी, और उसका कोई हुक्म टलने वाला नहीं है।
यह चेतावनी यहूदियों और ईसाइयों को संबोधित है कि वे मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर उतारी गई किताब पर ईमान लाएँ, क्योंकि यह उनकी अपनी किताबों की सच्चाई की गवाह है। यदि वे ईमान नहीं लाते, तो उन्हें भयानक सज़ा का सामना करना पड़ेगा, जैसा कि पिछली उम्मतों के साथ हुआ। यह आयत उन्हें सचेत करती है कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, और उसका वादा और चेतावनी दोनों सत्य हैं।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- अल्लाह की ओर से आने वाली हर चीज़ पर ईमान लाना चाहिए, चाहे वह पहले की किताबों की पुष्टि करे या नई शिक्षा लाए, क्योंकि सभी अल्लाह ही की ओर से हैं।
- अल्लाह की चेतावनी को हल्के में नहीं लेना चाहिए; उसकी पकड़ और सज़ा बहुत कठोर हो सकती है, और उसका फैसला अवश्य लागू होता है।
- पिछली उम्मतों के साथ हुए अल्लाह के व्यवहार से सबक लेना चाहिए, ताकि हम उन गलतियों से बच सकें जिनके कारण वे अल्लाह की रहमत से दूर हो गए।
- यह आयत क़ुरआन की सच्चाई और उसके पहले की किताबों के साथ उसके सामंजस्य को दर्शाती है, जो यह साबित करती है कि इस्लाम ही सच्चा धर्म है और क़ुरआन ही अंतिम और पूर्ण मार्गदर्शन है।
📜 आयत 45-49 — अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 47
सूरा अन-निसा आयत 47 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : पस उनमें से चन्द लोगों के सिवा और लोग ईमान…सूरा आयत 47/176 — अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-निसा सुनें, अन-निसा अनुवाद, अन-निसा mp3, अन-निसा pdf. आयत 45–49. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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