अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- دَرَجَاتٍ: ऊँचे दर्जे, एक से बढ़कर एक स्तर।
- مَغْفِرَةً: पापों की क्षमा।
- رَحْمَةً: विशेष दया और करुणा।
- غَفُورًا: अत्यधिक क्षमा करने वाला।
- رَحِيمًا: अत्यंत दयालु।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन मुजाहिदीन (अल्लाह के मार्ग में जिहाद करने वालों) के लिए उस महान प्रतिफल का वर्णन कर रही है, जो अल्लाह ने उनके लिए तैयार किया है। अल्लाह तआला उन्हें ऊँचे-ऊँचे दर्जे प्रदान करेगा, जो जन्नत में एक-दूसरे से बढ़कर होंगे। ये दर्जे उनकी नीयत, सब्र और कुर्बानी के अनुसार अलग-अलग होंगे। साथ ही, अल्लाह उनके गुनाहों को माफ कर देगा और उन पर अपनी विशेष रहमत बरसाएगा, जिससे वे हर परेशानी और खौफ से महफूज़ रहेंगे।
अल्लाह तआला ने यह भी बताया कि वह ग़फूर (बहुत क्षमा करने वाला) है, यानी वह अपने बंदों की कमियों और चूक को दरगुज़र कर देता है, बशर्ते वे सच्चे दिल से तौबा करें। वह रहीम (अत्यंत दयालु) है, यानी उसकी रहमत उन्हें घेर लेती है जो उसकी इताअत (आज्ञाकारिता) में जान लड़ा देते हैं। यह आयत मुसलमानों को बताती है कि अल्लाह के रास्ते में किया गया हर कदम, हर त्याग और हर मुश्किल बेकार नहीं जाती—बल्कि उसका इनाम अल्लाह के पास सुरक्षित है, जो दुनिया की किसी चीज़ से बेहतर है।
दावती पहलू:
यह आयत हर मोमिन के दिल में जोश और उम्मीद पैदा करती है कि अल्लाह की राह में उठाया गया कष्ट कभी रायगाँ नहीं जाता। जो लोग अपने ईमान, अपने धर्म और अपनी उम्मत की खातिर मेहनत करते हैं, अल्लाह उन्हें न सिर्फ दुनिया में इज़्ज़त देता है, बल्कि आख़िरत में उनके लिए ऐसे दर्जे तैयार हैं जिनका अंदाज़ा कोई नहीं लगा सकता। यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की रहमत उसके ग़ुस्से से कहीं ज़्यादा है—वह चाहता है कि उसके बंदे उसकी ओर लौटें, उस पर भरोसा करें और उसकी राह में कुर्बानी देने से न हिचकिचाएँ। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी के हर मैदान में—चाहे वह इल्म हो, माल हो, वक़्त हो या ताकत—अल्लाह की राह में लगाएँ, क्योंकि उसका इनाम बेहतरीन और हमेशा रहने वाला है।
📜 आयत 94-98 — अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 96
सूरा अन-निसा आयत 96 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (यानी उन्हें) अपनी तरफ़ से बड़े बड़े दरजे और बख्शिश…सूरा आयत 96/176 — अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-निसा सुनें, अन-निसा अनुवाद, अन-निसा mp3, अन-निसा pdf. आयत 94–98. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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