अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَعْذِرَتُهُمْ: उनका बहाना, उनकी कोशिश (अपने कुकर्मों को सही ठहराने के लिए)।
- اللَّعْنَةُ: रहमत से दूरी, फटकार और धिक्कार।
- سُوءُ الدَّارِ: आख़िरत का बुरा ठिकाना, यानी जहन्नम की सख्त सज़ा।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस भयानक दिन (क़ियामत) का वर्णन कर रही है जब ज़ालिमों (अत्याचारियों) के सारे बहाने बेकार हो जाएंगे। जिन लोगों ने अल्लाह की हदें तोड़ीं, उसके रसूलों को झुठलाया और अपनी ज़िंदगी में ज़ुल्म किया, वे उस दिन कोई ऐसा बहाना पेश नहीं कर सकेंगे जो उन्हें अज़ाब से बचा सके। चाहे वे कितनी ही मिन्नतें करें, कितने ही तर्क गिनाएं, उनका कोई बहाना क़बूल नहीं किया जाएगा।
उस दिन उनके लिए अल्लाह की रहमत से दूरी (लानत) होगी और उनका ठिकाना जहन्नम की आग होगी, जो बुरा ठिकाना है। यह उनके उन कर्मों का सीधा परिणाम है जो उन्होंने दुनिया में किए — क्योंकि जो आज अल्लाह की रहमत से दूर रहता है और उसके हुक्मों को नहीं मानता, उसे उस दिन उसी दूरी का सामना करना पड़ेगा।
दीनी पहलू (नसीहत):
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी ज़िंदगी में किस रास्ते पर चल रहे हैं। क्या हम उन लोगों में से हैं जो अल्लाह की रहमत के हक़दार बनते हैं, या उनमें से जिन्हें लानत और बुरे ठिकाने का सामना करना पड़ेगा? अल्लाह ने यह दुनिया इम्तिहान के लिए बनाई है — आज हमारे पास तौबा करने, सुधरने और अल्लाह की रहमत कमाने का मौका है। आज अगर हम अपनी गलतियों से बाज़ आ जाएं, अल्लाह से माफ़ी मांगें और उसके हुक्मों पर चलें, तो उस दिन हमें किसी बहाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी — हमारा चेहरा रोशन होगा और हमारा ठिकाना जन्नत होगी। यही अल्लाह का वादा है उन लोगों के लिए जो ईमान लाते हैं और नेक काम करते हैं। आइए, हम आज ही अपने जीवन को सुधारें और उस दिन की शर्मिंदगी से बचने की कोशिश करें, क्योंकि अल्लाह की रहमत का दरवाज़ा अभी खुला है।
📜 आयत 50-54 — ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 52
सूरा ग़ाफिर आयत 52 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (उस दिन भी) जिस दिन ज़ालिमों को उनकी माज़ेरत कुछ…सूरा आयत 52/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 50–54. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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