अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَكْمَامِهَا: पेड़ों के फलों के आवरण (छिलके या खोल)।
- آذَنَّاكَ: हमने आपको बता दिया, हमने आपको सूचित कर दिया।
- شَهِيد: गवाह, साक्षी।
तफ़सीर (व्याख्या):
क़ियामत (प्रलय) के दिन का ज्ञान केवल अल्लाह ही को है। उसके सिवा कोई नहीं जानता कि वह कब आएगी। यह बात उसी अल्लाह की ओर लौटाई जाती है, क्योंकि वही इसका एकमात्र जानने वाला है। यही वह सच्चाई है जिसे हर मुसलमान के दिल में बैठ जाना चाहिए — कि ग़ैब का इल्म सिर्फ़ अल्लाह के पास है।
फिर अल्लाह तआला अपनी उसी असीम ज्ञान और कुदरत की एक और निशानी बयान करता है: कोई फल अपने आवरण (खोल) से नहीं निकलता, कोई मादा गर्भवती नहीं होती और न ही वह अपने बच्चे को जन्म देती है — मगर यह सब अल्लाह के इल्म और उसकी जानकारी से होता है। पेड़ों के फल, माँ के गर्भ, बच्चे का जन्म — हर चीज़ अल्लाह के इल्म में है। उससे कोई चीज़ छिपी नहीं है। यह अल्लाह की उस महान शक्ति और ज्ञान की ओर इशारा है जो हर जगह, हर वक़्त मौजूद है।
और जब क़ियामत का दिन आएगा, तो अल्लाह तआला मुशरिकों (बहुदेववादियों) को पुकारेगा और उन्हें डाँटते हुए फटकारेगा: "कहाँ हैं मेरे साझीदार, जिन्हें तुम मेरा शरीक मानते थे और उनकी पूजा करते थे?" उस वक़्त वे सब कुछ भूलकर सिर्फ़ अल्लाह की तरफ़ रुजू करेंगे और कहेंगे: "हमने आपको बता दिया — हममें से कोई भी गवाह नहीं है जो यह गवाही दे कि आपका कोई शरीक है।" यानी उस दिन वे खुद अपने झूठे देवताओं से बराअत (बेज़ारी) का इज़हार करेंगे और अपनी ग़लती का इक़रार कर लेंगे, लेकिन वह इक़रार उन्हें कोई फ़ायदा नहीं देगा।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का इल्म हर चीज़ पर हावी है — चाहे वह छोटी हो या बड़ी, ज़ाहिर हो या पोशीदा। हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी के हर पल में यह यक़ीन रखें कि अल्लाह हमें देख रहा है और वह सब कुछ जानता है। यह यक़ीन हमें गुनाहों से रोकता है और नेकी की तरफ़ बढ़ाता है। और यह भी याद रखें कि क़ियामत का दिन ज़रूर आएगा — जब हर इंसान अपने आमाल का सामना करेगा। उस दिन कोई शरीक, कोई सिफ़ारिशी, कोई बहाना काम नहीं आएगा। सिर्फ़ अल्लाह पर ईमान और नेक आमाल ही काम आएंगे। आइए, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ और उस दिन की तैयारी करें, जब हर राज़ खुल जाएगा और हर इंसान अपने किए का फल पाएगा।
📜 आयत 45-49 — सूरा फुस्सिलत
अनुवाद — फुस्सिलत 47
सूरा फुस्सिलत आयत 47 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क़यामत के इल्म का हवाला उसी की तरफ है (यानि…सूरा आयत 47/54 — सूरा फुस्सिलत فصلت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा फुस्सिलत सुनें, सूरा फुस्सिलत अनुवाद, सूरा फुस्सिलत mp3, सूरा फुस्सिलत pdf. आयत 45–49. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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