Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَرَأَيْتُمْ — मुझे बताओ, अपनी राय ज़ाहिर करो।
- كَفَرْتُم — तुमने इनकार किया, झुठलाया।
- شِقَاقٍ — विरोध, दुश्मनी, अलगाव।
- بَعِيدٍ — दूर, गहरा (जो हद से बढ़कर हो)।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन झुठलाने वालों से कहिए: "ज़रा मुझे बताओ, अगर यह क़ुरआन वाक़ई अल्लाह की तरफ़ से आया हो, और फिर भी तुमने इसका इनकार किया और इसे झुठलाया, तो उस शख्स से बढ़कर गुमराह (पथभ्रष्ट) और कौन होगा जो सच्चाई से इतनी दूर की दुश्मनी और विरोध में पड़ा हो?"
यह आयत उन लोगों को सोचने पर मजबूर करती है जो क़ुरआन को नज़रअंदाज़ करते हैं या उसका मज़ाक उड़ाते हैं। अगर यह किताब सचमुच अल्लाह की तरफ़ से है—और इसकी सच्चाई के सबूत साफ़ और मज़बूत हैं—तो फिर इसका इनकार करने वाला अपनी जान को किस खतरे में डाल रहा है? वह खुद को अल्लाह की यातना और गज़ब के सामने ला खड़ा कर रहा है।
इस आयत में अल्लाह तआला ने उन लोगों की सबसे बड़ी गुमराही की तरफ इशारा किया है जो हक़ (सच्चाई) को जानने के बाद भी उससे मुँह मोड़ते हैं, और अपनी ज़िद और हठधर्मी की वजह से सच्चाई से इतनी दूर निकल जाते हैं कि उनकी गुमराही की कोई हद नहीं रहती।
प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें सोचने की दावत देती है कि क़ुरआन को समझकर पढ़ें, उस पर अमल करें, और उसे अपनी ज़िंदगी का रहनुमा बनाएँ। जो शख्स क़ुरआन को अपनाता है, वह सीधे रास्ते पर चलता है और दुनिया और आख़िरत की कामयाबी उसके क़दमों में होती है। और जो इसे ठुकराता है, वह अपनी ही तबाही का सामान करता है। अल्लाह हमें क़ुरआन को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 50-54 — सूरा फुस्सिलत
अनुवाद — फुस्सिलत 52
सूरा फुस्सिलत आयत 52 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कहो कि भला देखो तो सही कि…सूरा आयत 52/54 — सूरा फुस्सिलत فصلت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा फुस्सिलत सुनें, सूरा फुस्सिलत अनुवाद, सूरा फुस्सिलत mp3, सूरा फुस्सिलत pdf. आयत 50–54. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा फुस्सिलत
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


