अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَاطِرُ: पैदा करने वाला, बनाने वाला, अस्तित्व में लाने वाला।
- يَذْرَؤُكُمْ: वह तुम्हें पैदा करता है, बढ़ाता है और फैलाता है।
- لَيْسَ كَمِثْلِهِ شَيْءٌ: उसके समान या उसकी मिसाल जैसा कुछ भी नहीं है।
- السَّمِيعُ: सब कुछ सुनने वाला।
- البَصِيرُ: सब कुछ देखने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हमें अल्लाह की महान शक्ति और उसकी बेमिसाल रचना की ओर संकेत करती है। अल्लाह ही है जिसने आसमानों और ज़मीन को बिना किसी पूर्व नमूने के पैदा किया। वही इस कायनात का ख़ालिक़ और मालिक है। उसी ने अपनी रहमत से तुम्हारे लिए तुम्हारी ही जाति (इंसानों) में से जोड़े बनाए, ताकि तुम उनमें सुकून और चैन पाओ। और उसी ने चौपायों (जानवरों) में भी नर और मादा के जोड़े बनाए, ताकि उनसे तुम्हें लाभ पहुँचे — उनका दूध, मांस, ऊन और सवारी — और ताकि उनके ज़रिये तुम्हारी रोज़ी का सामान हो।
अल्लाह ने यह सब इसलिए किया कि तुम बढ़ो और फैलो, और उसकी नेमतों से लाभ उठाओ। यह सब उसकी कुदरत और हिकमत का नमूना है। लेकिन इस सबके बावजूद, अल्लाह की ज़ात, उसके नाम, उसकी सिफ़ात और उसके काम — किसी भी चीज़ से मिलते-जुलते नहीं हैं। वह हर चीज़ से बिल्कुल अलग और बेमिसाल है। कोई भी चीज़ उसके समान नहीं हो सकती, न उसकी ज़ात में, न उसके गुणों में, न उसके कामों में। वह हर कमी और हर ऐब से पाक है।
वह सुनने वाला है — तुम्हारी हर दुआ, हर पुकार, हर ज़र्रा-बराबर बात उससे छिपी नहीं है। और वह देखने वाला है — तुम्हारे हर अमल, हर नीयत और हर हरकत को देखता है। वह तुम्हारे अच्छे कामों का अच्छा बदला और बुरे कामों का बुरा बदला देगा। उसकी नज़र से कोई चीज़ बाहर नहीं है, और उसकी सुनने से कोई आवाज़ दूर नहीं है।
दावती पहलू (आमंत्रण का पहलू):
यह आयत हमें अल्लाह की उस रहमत और कुदरत पर ग़ौर करने की दावत देती है जो हमारे चारों ओर बिखरी हुई है। जब हम अपने जीवनसाथी, अपने बच्चों, अपने घर, और उन जानवरों को देखते हैं जो हमारी खिदमत करते हैं, तो हमें याद रखना चाहिए कि यह सब अल्लाह की देन है। वह हमें बढ़ाता है, हमारी रोज़ी का इंतज़ाम करता है, और हमारी हर ज़रूरत को पूरा करता है।
इसलिए हमें चाहिए कि हम अल्लाह की इन नेमतों पर शुक्र करें, उसकी इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारें, और उसकी रहमत से कभी निराश न हों। वह हमारी हर पुकार सुनता है और हमारी हर हालत देखता है। उस पर भरोसा रखें, उसी से मदद माँगें, और उसी की राह पर चलें। यही सच्ची कामयाबी है — इस दुनिया में भी और आख़िरत में भी।
📜 आयत 9-13 — अश-शूरा
अनुवाद — अश-शूरा 11
सूरा अश-शूरा आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : सारे आसमान व ज़मीन का पैदा करने वाला (वही) है…सूरा आयत 11/53 — अश-शूरा الشورى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शूरा सुनें, अश-शूरा अनुवाद, अश-शूरा mp3, अश-शूरा pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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