अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ذِكْرٌ (ज़िक्रुन): यहाँ इसका अर्थ है सम्मान, शान और गौरव। इसका एक अर्थ अनुस्मरण और नसीहत भी है।
- لَكَ وَلِقَوْمِكَ (लक व लिक़ौमिक): आपके लिए और आपकी क़ौम (क़ुरैश) के लिए।
- تُسْأَلُونَ (तुसअलून): तुमसे पूछा जाएगा, यानी जवाबदेह ठहराया जाएगा।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस महान सम्मान और गौरव की ओर इशारा करती है जो अल्लाह तआला ने अपने आख़िरी नबी हज़रत मुहम्मद ﷺ और उनकी क़ौम क़ुरैश को अता किया है। यह कुरआन-ए-करीम, जो आख़िरी और सबसे पूर्ण किताब है, आप ﷺ के लिए और आपकी क़ौम के लिए एक बहुत बड़ा शरफ़ और इज़्ज़त का ज़रिया है, क्योंकि यह उन्हीं की ज़बान (अरबी) में उतारा गया। वे इस किताब को सबसे ज़्यादा समझने वाले हैं, इसलिए उन पर सबसे ज़्यादा ज़िम्मेदारी भी है कि वे इस पर अमल करें और इसे दुनिया तक पहुँचाएँ।
यह कुरआन सिर्फ़ एक किताब नहीं, बल्कि एक ज़िंदा नसीहत, एक रहनुमा दस्तूर और एक ऐसा ज़िक्र है जो क़ियामत तक उन्हें ज़िंदा रखेगा। यह उनके लिए दुनिया और आख़िरत दोनों की इज़्ज़त का सबब है। लेकिन साथ ही यह एक चेतावनी भी है कि यह सम्मान कोई मुफ़्त का तोहफ़ा नहीं है, बल्कि इसके साथ एक बड़ी ज़िम्मेदारी जुड़ी हुई है। अल्लाह तआला फ़रमाता है: "और अनक़रीब तुमसे पूछा जाएगा।" यानी क़ियामत के दिन तुमसे यह ज़रूर पूछा जाएगा कि तुमने इस कुरआन पर ईमान लाए या नहीं? तुमने इसके हिदायात पर अमल किया या नहीं? तुमने इसके पैग़ाम को दूसरों तक पहुँचाया या नहीं? तुमने इस नेमत का शुक्र अदा किया या नहीं?
यह आयत हम सबके लिए एक प्यारी याद दिलाही है कि जिसे अल्लाह ने कुरआन समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दी, वह बड़े इज़्ज़त वाला है। हमें चाहिए कि इस किताब को सिर्फ़ पढ़ने और सजाने तक ही सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी ज़िंदगी में उतारें, इसके अहकाम को समझें और दूसरों तक पहुँचाएँ। यही हमारी कामयाबी है। याद रखिए, जो लोग कुरआन से जुड़ते हैं, अल्लाह उन्हें दुनिया में इज़्ज़त देता है और आख़िरत में जन्नत अता करता है। यह वादा अल्लाह का है और अल्लाह का वादा कभी नहीं टूटता। आइए, हम सब मिलकर इस अज़ीम नेमत का शुक्र अदा करें और अपनी ज़िंदगी को कुरआन की रोशनी में ढालें।
📜 आयत 42-46 — अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 44
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 44 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये (क़ुरान) तुम्हारे लिए और तुम्हारी क़ौम के लिए…सूरा आयत 44/89 — अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुखरुफ सुनें, अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, अज़-ज़ुखरुफ mp3, अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 42–46. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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