अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَاسْأَلْ: और पूछिए
- مَنْ أَرْسَلْنَا مِن قَبْلِكَ مِن رُسُلِنَا: हमारे उन रसूलों (पैगंबरों) के अनुयायियों से जिन्हें हमने आपसे पहले भेजा
- أَجَعَلْنَا: क्या हमने बनाया/ठहराया
- مِن دُونِ الرَّحْمَٰنِ: रहमान (अल्लाह) के अलावा
- آلِهَةً يُعْبَدُونَ: ऐसे पूज्य (माबूद) जिनकी पूजा की जाती हो
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप उन लोगों से पूछिए जो आपसे पहले भेजे गए रसूलों के अनुयायी और उनकी शरीअत (किताबों) के जानकार हैं — चाहे वे अहले-किताब हों या अन्य — कि क्या हमारे किसी रसूल ने कभी यह पैगाम दिया था कि रहमान (अल्लाह) के अलावा किसी और की पूजा की जाए? क्या किसी नबी ने लोगों को अल्लाह के सिवा किसी और की इबादत की दावत दी थी?
इस सवाल का जवाब साफ़ है — हरगिज़ नहीं! हर रसूल ने यही पैगाम दिया कि अल्लाह की इबादत करो, उसका कोई शरीक नहीं। सभी पैगंबरों की दावत एक ही थी — तौहीद (एकेश्वरवाद) और अल्लाह के सिवा हर चीज़ की पूजा से रोकना। यह सवाल दरअसल मक्का के मुशरिकों को जवाब देने के लिए था, ताकि उन्हें बता दिया जाए कि उनका शिर्क (बहुदेववाद) किसी भी नबी की सुन्नत और किसी भी आसमानी किताब के खिलाफ़ है।
यह भी बताया गया है कि नबी ﷺ ने मेराज (इसरा) की रात जिन पैगंबरों से मुलाकात की थी, उन्हीं से यह सवाल पूछा गया — और उन सभी ने इस बात की गवाही दी कि वे सब अल्लाह की इबादत की दावत देने वाले थे, किसी और की नहीं।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि इस्लाम का मूल संदेश कोई नया नहीं है — यह वही पैगाम है जो आदम से लेकर ईसा तक हर नबी लेकर आया। यानी तौहीद (अल्लाह की एकता) ही वह सच्चाई है जिस पर पूरी मानवता का इतिहास इकट्ठा है। जो लोग आज अल्लाह के सिवा दूसरों की पूजा करते हैं, वे दरअसल हर नबी की दावत से मुँह मोड़ रहे हैं। यह आयत हमें इस बात की तसल्ली देती है कि हमारा दीन वही दीन है जो अल्लाह ने हमेशा से भेजा है — साफ़, सरल और फ़ितरत के मुताबिक़। आइए हम इसी पैगाम पर क़ायम रहें और अल्लाह की इबादत में किसी को शरीक न करें, क्योंकि यही वह रास्ता है जिस पर सभी नबी चले और यही वह रास्ता है जो हमें कामयाबी तक पहुँचाता है।
📜 आयत 43-47 — अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 45
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 45 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने तुमसे पहले अपने जितने पैग़म्बर भेजे हैं उन…सूरा आयत 45/89 — अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुखरुफ सुनें, अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, अज़-ज़ुखरुफ mp3, अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 43–47. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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