Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- مَوْلًى – निकट का रिश्तेदार, मित्र, सहायक, या वह व्यक्ति जिससे कोई संबंध या दोस्ती हो।
- لَا يُغْنِي – किसी काम न आना, कोई लाभ न पहुँचाना, किसी को बचा न सकना।
- يُنصَرُونَ – सहायता दिए जाना, बचाव किया जाना, मदद पहुँचाई जाना।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत उस भयानक दिन (क़ियामत) का वर्णन कर रही है जब कोई रिश्तेदार, कोई मित्र, कोई साथी, या कोई भी इंसान किसी दूसरे के काम नहीं आ सकेगा। उस दिन न तो कोई अपने क़रीबी रिश्तेदार को किसी मुसीबत से बचा सकेगा, और न ही कोई किसी की सहायता कर सकेगा। हर व्यक्ति अपनी ही फ़िक्र में डूबा होगा, और कोई भी किसी दूसरे की मदद नहीं कर पाएगा।
यहाँ "مَوْلًى" का अर्थ व्यापक है – इसमें रिश्तेदार, दोस्त, सहायक, और वे सभी लोग शामिल हैं जिनसे इंसान दुनिया में उम्मीदें लगाए बैठा था। लेकिन उस दिन ये सारे रिश्ते और संबंध बेकार हो जाएँगे। न कोई सिफ़ारिश करेगा, न कोई बचाव करेगा, और न ही कोई किसी को अल्लाह की पकड़ से छुड़ा सकेगा।
हालाँकि, अल्लाह की रहमत से कुछ मोमिनीन (ईमानवालों) के लिए यह नियम अलग होगा – अल्लाह जिन पर रहम करेगा, उन्हीं के लिए शफ़ाअत (सिफ़ारिश) का मौक़ा होगा, लेकिन यह भी केवल अल्लाह की इजाज़त से ही होगा। यह अल्लाह की असीम दया है कि वह अपने नेक बंदों को इस दिन भी याद रखेगा और उन्हें जहन्नुम की आग से बचाएगा।
दावत और नसीहत:
यह आयत हमें जीवन की सच्चाई से रूबरू कराती है कि आज हम जिन रिश्तों, दोस्तियों और सहायताओं पर इतना भरोसा करते हैं, वे उस दिन हमारे किसी काम न आएँगी। आज हम अपने रिश्तेदारों और दोस्तों की खातिर अल्लाह के हुक्मों को भूल जाते हैं, लेकिन उस दिन यही लोग हमसे मुँह मोड़ लेंगे। इसलिए समझदार वही है जो आज अल्लाह की राह में अपने रिश्तों को निभाए, लेकिन अल्लाह की नाराज़गी को कभी अपने रिश्तों की खातिर ख़रीददारी न करे।
अल्लाह हमें तौफ़ीक़ दे कि हम उस दिन की तैयारी करें, जब केवल अल्लाह की रहमत और उसकी मर्ज़ी ही काम आएगी। आज का हर अच्छा काम, हर नेकी, हर ईमानदारी उस दिन हमारी ढाल बनेगी। याद रखिए, असली सहायता और असली बचाव केवल अल्लाह ही की तरफ़ से है – उसी से जुड़िए, उसी की राह पर चलिए, और उसी की रहमत के तलबगार बनिए।
📜 आयत 39-43 — सूरा अद-दुखान
अनुवाद — अद-दुखान 41
सूरा अद-दुखान आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस दिन कोई दोस्त किसी दोस्त के कुछ काम न…सूरा आयत 41/59 — सूरा अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अद-दुखान सुनें, सूरा अद-दुखान अनुवाद, सूरा अद-दुखान mp3, सूरा अद-दुखान pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अद-दुखान
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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