अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अम्रन (أَمْرًا): आदेश, हुक्म
- मिन इन्दिना (مِّنْ عِندِنَا): अपनी ओर से, अपने पास से
- मुरसिलीन (مُرْسِلِينَ): रसूल भेजने वाले
तफसीर (व्याख्या):
यह आदेश, जो कुरआन के रूप में उतारा गया, हमारी ओर से है। यह कोई साधारण किताब नहीं, बल्कि अल्लाह तआला का वह फरमान है जो उसकी अपनी ओर से नाज़िल हुआ। अल्लाह तआला ने यह कुरआन अपने हुक्म और अपनी मर्ज़ी से उतारा, और यह उसके इल्म और हिक्मत का नतीजा है।
अल्लाह तआला फरमाता है कि हम रसूल भेजने वाले हैं। यानी अल्लाह ने हमेशा से अपने बंदों की हिदायत के लिए रसूल भेजे हैं, और इसी सिलसिले में आख़िरी नबी हज़रत मुहम्मद ﷺ को भेजा। यह अल्लाह की रहमत है कि उसने अपने बंदों को अकेला नहीं छोड़ा, बल्कि उनकी रहनुमाई के लिए नबी और रसूल भेजे, ताकि लोगों के पास अल्लाह की हुज्जत (प्रमाण) क़ायम हो जाए।
यह आदेश अपने साथ कई बातें लेकर आया — यह बताता है कि क्या सही है और क्या ग़लत, क्या हलाल है और क्या हराम। यह इंसान को ज़िंदगी का सही रास्ता दिखाता है। जो इसे मान ले, वह दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हो जाता है, और जो इसे ठुकरा दे, वह गुमराही में पड़ा रहता है।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह कुरआन अल्लाह की तरफ से हमारे लिए एक बड़ी नेमत है। अल्लाह ने अपनी रहमत से हमें यह किताब दी, ताकि हम उसे पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें। यह हमारे लिए रोशनी है, अंधेरे में रास्ता दिखाने वाली। अल्लाह ने अपने रसूल ﷺ को भेजकर हम पर बड़ा एहसान किया, इसलिए हमें चाहिए कि हम उनकी सुन्नत को अपनाएं और कुरआन को अपनी ज़िंदगी का नुस्खा बनाएं। याद रखें, अल्लाह का यह आदेश कोई साधारण बात नहीं, बल्कि हमारी कामयाबी की कुंजी है। जो इसे पकड़ ले, वह कभी बर्बाद नहीं हो सकता।
📜 आयत 3-7 — अद-दुखान
अनुवाद — अद-दुखान 5
सूरा अद-दुखान आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यानि हमारे यहाँ से हुक्म होकर (बेशक) हम ही (पैग़म्बरों…सूरा आयत 5/59 — अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अद-दुखान सुनें, अद-दुखान अनुवाद, अद-दुखान mp3, अद-दुखान pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








