अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رَحْمَةً: दया, करुणा, रहमत।
- مِن رَّبِّكَ: तुम्हारे पालनहार की ओर से।
- السَّمِيعُ: सब कुछ सुनने वाला।
- الْعَلِيمُ: सब कुछ जानने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस महान रहमत की ओर इशारा करती है जो अल्लाह तआला ने अपने बन्दों पर की—उनके पास रसूलों को भेजा, आसमानी किताबें उतारीं, और हिदायत का रास्ता दिखाया। यह सब कुछ महज़ एक एहसान और रहमत है जो अल्लाह ने अपने नबी ﷺ के ज़रिए उम्मत पर किया। यह रहमत इसलिए नाज़िल हुई ताकि लोग अंधेरे से निकलकर रोशनी की तरफ आएँ, अपने रब की इबादत करें और उसकी राह पर चलें।
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह रहमत तुम्हारे रब की ओर से है—ऐ नबी! यह कोई इत्तफ़ाक़ नहीं, बल्कि अल्लाह की तरफ से एक योजनाबद्ध एहसान है। फिर अल्लाह अपनी दो सिफ़ात (गुण) बयान करता है: वह सब कुछ सुनने वाला है—हर आवाज़, हर दुआ, हर पुकार, चाहे वो ज़ुबान से हो या दिल से। और वह सब कुछ जानने वाला है—हर दिल का हाल, हर नीयत, हर अमल, छिपा हो या ज़ाहिर, सब कुछ उसके इल्म में है।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की रहमत का दरवाज़ा हमेशा खुला है। जब हम क़ुरआन पढ़ते हैं, जब हम नमाज़ पढ़ते हैं, जब हम दुआ करते हैं, तो हमें यक़ीन होना चाहिए कि अल्लाह हमारी सुन रहा है और हमारे हाल को जान रहा है। यही हमारे लिए सबसे बड़ी तसल्ली है—कि हमारा रब हमसे बेख़बर नहीं, वह हमारी हर पुकार सुनता है और हमारी हर ज़रूरत जानता है।
इस रहमत का तक़ाज़ा है कि हम अल्लाह के शुक्रगुज़ार बनें, उसकी इबादत करें, और उसके दिए हुए दीन को अपनी ज़िंदगी में अपनाएँ। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाता है। अल्लाह की रहमत असीम है, और वह हर उस बन्दे को नवाज़ता है जो उसकी तरफ रुजू करता है।
📜 आयत 4-8 — अद-दुखान
अनुवाद — अद-दुखान 6
सूरा अद-दुखान आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये तुम्हारे परवरदिगार की मेहरबानी है, वह बेशक बड़ा सुनने…सूरा आयत 6/59 — अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अद-दुखान सुनें, अद-दुखान अनुवाद, अद-दुखान mp3, अद-दुखान pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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