अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آيَاتِ اللَّهِ: अल्लाह की निशानियाँ और उसकी आयतें (क़ुरआन और उसके प्रमाण)।
- هُزُوًا: मज़ाक़, ठट्ठा, उपहास।
- غَرَّتْكُمُ: धोखा दिया, भ्रम में डाला।
- الْحَيَاةُ الدُّنْيَا: दुनिया की ज़िंदगी, उसकी चमक-धमक और लज़्ज़तें।
- لَا يُخْرَجُونَ مِنْهَا: वे (आग) से निकाले नहीं जाएँगे।
- وَلَا هُمْ يُسْتَعْتَبُونَ: उनसे तौबा और माफ़ी माँगने का तक़ाज़ा नहीं किया जाएगा, न ही उन्हें अल्लाह को राज़ी करने का मौक़ा दिया जाएगा।
तफ़सीर:
यह आयत उन लोगों के लिए एक सख़्त चेतावनी और अफ़सोसनाक अंजाम का ज़िक्र है, जिन्होंने अल्लाह की आयतों और उसके भेजे हुए प्रमाणों को मज़ाक़ बना लिया था। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह अज़ाब जो आज तुम्हें घेरे हुए है, वह तुम्हारे उसी बुरे रवैये का नतीजा है। तुमने अल्लाह की आयतों को सुनकर उनका मज़ाक़ उड़ाया, उन्हें झुठलाया और उन पर हँसे। तुम्हारे दिलों में उनके लिए कोई अदब और इज़्ज़त न थी। साथ ही, दुनिया की ज़िंदगी ने अपनी चमक-दमक, माल-दौलत और शहवतों से तुम्हें धोखे में डाल दिया। तुमने सोचा कि यही ज़िंदगी सब कुछ है, कोई मौत के बाद जीना नहीं, कोई हिसाब-किताब नहीं, कोई जज़ा-सज़ा नहीं। इसी ग़फ़लत और धोखे ने तुम्हें अंधा कर दिया और तुम अल्लाह के दीन से दूर होते चले गए।
आज, जब वह दिन आ गया है, तो उनके लिए कोई रास्ता नहीं बचा। वे आग से निकल नहीं सकते, क्योंकि यह उनका हमेशा का ठिकाना है। और न ही उनसे यह कहा जाएगा कि तुम अल्लाह से माफ़ी माँगो या उसे राज़ी करने की कोशिश करो, क्योंकि तौबा का दरवाज़ा बंद हो चुका है। वह मौक़ा उन्हें दुनिया में दिया गया था, लेकिन उन्होंने उसे गँवा दिया। आज न कोई उनकी सुनने वाला है, न कोई उनकी तरफ़दारी करने वाला है।
यह आयत हमें बहुत बड़ी सीख देती है कि अल्लाह की आयतों और उसके दीन के साथ कभी मज़ाक़ नहीं करना चाहिए। क़ुरआन और हदीस को सुनकर दिल में अदब और इज़्ज़त पैदा करनी चाहिए। दुनिया की चमक-दमक हमें धोखे में न डाले, क्योंकि यह ज़िंदगी तो बहुत छोटी है और आख़िरत हमेशा की ज़िंदगी है। जो लोग दुनिया को ही सब कुछ समझ बैठते हैं, वे आख़िरत में बहुत पछताएँगे, लेकिन पछताने का वक़्त तब निकल चुका होगा। अल्लाह हमें इस धोखे से बचाए और हमें अपनी आयतों का अदब करने वाला बनाए। आमीन।
📜 आयत 33-37 — अल-जासिया
अनुवाद — अल-जासिया 35
सूरा अल-जासिया आयत 35 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये इस सबब से कि तुम लोगों ने ख़ुदा की…सूरा आयत 35/37 — अल-जासिया الجاثية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-जासिया सुनें, अल-जासिया अनुवाद, अल-जासिया mp3, अल-जासिया pdf. आयत 33–37. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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