अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حُشِرَ (हुशिरा): एकत्र किया जाना, इकट्ठा किया जाना।
- أَعْدَاءً (अ'दाअन): शत्रु, दुश्मन।
- كَافِرِينَ (काफ़िरीन): इनकार करने वाले, अस्वीकार करने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों की दुर्दशा का वर्णन करती है जो अल्लाह को छोड़कर मूर्तियों, पत्थरों या अन्य प्राणियों की पूजा करते हैं। जब क़ियामत का दिन आएगा और सभी लोगों को हश्र के मैदान में एकत्र किया जाएगा, तो वे मूर्तियाँ और झूठे देवता जिन्हें ये लोग दुनिया में पुकारते थे, उनके सबसे बड़े दुश्मन बन जाएँगे। वे अपने पूजने वालों को लानत देंगी, उनसे बराअत (अलगाव) जताएँगी और साफ़ इनकार कर देंगी कि उन्हें इनकी पूजा के बारे में कोई जानकारी थी।
यहाँ तक कि वे मूर्तियाँ अपने पूजने वालों के खिलाफ़ गवाही देंगी और कहेंगी कि हम तो बेख़बर थे, ये लोग हमारी पूजा करते थे, हमें इसका ज्ञान तक नहीं था। यह उन लोगों के लिए सबसे बड़ी रुसवाई और शर्मिंदगी का क्षण होगा।
इस आयत से हमें यह शिक्षा मिलती है कि अल्लाह के सिवा किसी और की इबादत करना कितनी बड़ी भूल है। दुनिया में ये मूर्तियाँ और झूठे देवता न तो कोई लाभ पहुँचा सकते हैं और न ही कोई हानि। आख़िरत में तो वे अपने पूजने वालों के दुश्मन बन जाएँगे।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिर्फ़ एक ही सच्चे मालिक की इबादत की ओर बुलाती है। वह अल्लाह जो रहमान और रहीम है, जो हमारी हर पुकार सुनता है, हर दुआ का जवाब देता है। उसकी इबादत में ही हमारी सच्ची कामयाबी है। जो लोग उसे छोड़कर दूसरों की ओर मुड़ते हैं, वे दुनिया और आख़िरत दोनों में नुक़सान उठाते हैं।
अल्लाह हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे और हमें शिर्क से बचाए। आमीन।
📜 आयत 4-8 — अल-अहकाफ
अनुवाद — अल-अहकाफ 6
सूरा अल-अहकाफ आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब लोग (क़यामत) में जमा किये जाएगें तो वह…सूरा आयत 6/35 — अल-अहकाफ الأحقاف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहकाफ सुनें, अल-अहकाफ अनुवाद, अल-अहकाफ mp3, अल-अहकाफ pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








