Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ارْتَدُّوا عَلَىٰ أَدْبَارِهِم: अपनी एड़ियों के बल पलट गए, यानी ईमान से कुफ्र की ओर लौट गए।
- تَبَيَّنَ لَهُمُ الْهُدَى: उनके लिए हिदायत (सत्य मार्ग) स्पष्ट हो गया था।
- سَوَّلَ لَهُمْ: शैतान ने उनके कर्मों को सुंदर बनाकर दिखाया और उन्हें धोखा दिया।
- أَمْلَىٰ لَهُمْ: शैतान ने उन्हें लंबी आयु और दुनिया की आशाओं में मोहित कर दिया, यानी उन्हें झूठी उम्मीदें दीं।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के बारे में बताती है जो सत्य को जानने और समझने के बाद भी ईमान से फिर गए और कुफ्र व निफाक़ (पाखंड) की ओर लौट गए। उन्होंने हिदायत का रास्ता छोड़कर गुमराही को अपना लिया, जबकि उनके सामने सत्य पूरी तरह वाज़ेह हो चुका था। यह वे लोग हैं जिन्होंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की सच्चाई को पहचान लिया था, फिर भी उन्होंने अहंकार और दुनियावी मोह के कारण उसे ठुकरा दिया।
इस आयत में बताया गया है कि इन लोगों के इस कृत्य का असली कारण शैतान है, जिसने उनके बुरे कर्मों को उनकी नज़रों में सुंदर बना दिया और उन्हें लंबी उम्र और दुनिया की झूठी आशाओं में उलझा दिया। शैतान ने उन्हें यह वहम दिया कि उन्हें माफ़ कर दिया जाएगा या उनके पास अभी बहुत समय है, जिससे उन्होंने तौबा को टाल दिया और गुमराही पर ही डटे रहे।
यह आयत हमें एक बहुत बड़ा सबक देती है: जब अल्लाह की तरफ से सत्य स्पष्ट हो जाए, तो उसे कबूल करने में देरी नहीं करनी चाहिए। शैतान का सबसे बड़ा हथियार यही है कि वह इंसान को टालमटोल में डाल दे और उसे लंबी उम्र की झूठी उम्मीद देकर ईमान और अच्छे कर्मों से दूर रखे।
अल्लाह तआला हमें सत्य को पहचानने और उस पर साबित क़दम रहने की तौफ़ीक़ दे, और शैतान के धोखों से हमारी हिफ़ाज़त करे। याद रखें, दुनिया की यह ज़िंदगी बहुत छोटी है, और आख़िरत की ज़िंदगी हमेशा की है। जो लोग सत्य को जानकर भी उसे ठुकरा देते हैं, वे सबसे बड़े नुक़सान में हैं। अल्लाह हमें हिदायत पर चलने की तौफ़ीक़ दे और हमारे दिलों को ईमान पर साबित रखे। आमीन।
📜 आयत 23-27 — सूरा मुहम्मद
अनुवाद — मुहम्मद 25
सूरा मुहम्मद आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक जो लोग राहे हिदायत साफ़ साफ़ मालूम होने के…सूरा आयत 25/38 — सूरा मुहम्मद محمد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मुहम्मद सुनें, सूरा मुहम्मद अनुवाद, सूरा मुहम्मद mp3, सूरा मुहम्मद pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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