अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- إِسْرَارَهُمْ (उनके राज़): यानी वो बातें जो वे अपने दिलों में छिपाते हैं और आपस में चुपके-चुपके कहते हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह अल्लाह का वह फ़ैसला और उनकी सज़ा, जो मुनाफ़िक़ों (कपटियों) को मिली, इस वजह से था कि उन्होंने उन लोगों (मुशरिकों और यहूदियों) से, जिन्होंने अल्लाह द्वारा उतारी गई वही (क़ुरआन) को नापसंद किया, यह कहा: "हम कुछ मामलों में तुम्हारी बात मान लेंगे" — यानी वे उनसे मिलकर नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की दुश्मनी और जिहाद से रोकने में सहयोग करने का वादा कर रहे थे। उन्होंने यह बात चुपके से कही, लेकिन अल्लाह तआला ने उनके इस राज़ को खोलकर रख दिया। अल्लाह उन सब बातों को खूब जानता है जो वे अपने दिलों में छिपाते हैं और आपस में चुपके-चुपके कहते हैं। उसके ज्ञान से कोई चीज़ छिपी नहीं है, और वह जो चाहता है, अपने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पर प्रकट कर देता है।
दावती पहलू:
यह आयत हर मुसलमान के लिए एक बड़ी सीख और चेतावनी है कि किसी भी हालत में अल्लाह और उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के हुक्म के खिलाफ किसी और की बात न मानी जाए। चाहे वह कितना ही बड़ा, ताकतवर या करीबी क्यों न हो। मोमिन की पहचान यह है कि वह अल्लाह की राह में जिहाद करे, दीन की मदद करे और किसी भी दुश्मन से मिलकर दीन को कमज़ोर करने की कोशिश न करे। अल्लाह तआला हर छिपी बात को जानता है, और क़ियामत के दिन हर राज़ खोल दिया जाएगा। इसलिए इंसान को चाहिए कि वह अपने दिल और ज़ुबान दोनों को साफ रखे, और अल्लाह से डरता हुआ वही कहे जो सच और सही हो। याद रखें, अल्लाह की नज़र से कोई चीज़ छिपी नहीं है — न छोटी, न बड़ी, न ज़ाहिर, न छिपी।
📜 आयत 24-28 — मुहम्मद
अनुवाद — मुहम्मद 26
सूरा मुहम्मद आयत 26 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यह इसलिए जो लोग ख़ुदा की नाज़िल की हुई(किताब) से…सूरा आयत 26/38 — मुहम्मद محمد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मुहम्मद सुनें, मुहम्मद अनुवाद, मुहम्मद mp3, मुहम्मद pdf. आयत 24–28. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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