मुहम्मद · 38/38
अनुवाद उच्चारण — मुहम्मद
هَا أَنتُمْ هَٰؤُلَاءِ تُدْعَوْنَ لِتُنفِقُوا فِي سَبِيلِ اللَّهِ فَمِنكُم مَّن يَبْخَلُ ۖ وَمَن يَبْخَلْ فَإِنَّمَا يَبْخَلُ عَن نَّفْسِهِ ۚ وَاللَّهُ الْغَنِيُّ وَأَنتُمُ الْفُقَرَاءُ ۚ وَإِن تَتَوَلَّوْا يَسْتَبْدِلْ قَوْمًا غَيْرَكُمْ ثُمَّ لَا يَكُونُوا أَمْثَالَكُم ۝٣٨
haaa antum haaa`ulaaa`i tud`awna litunfiqoo fee sabeelillaahi faminkum many yabkhalu wa many yabkhal fa innamaa yabkhalu `an nafsih; wallaahu Ghaniyyu wa antumul fuqaraaa`; wa in tatwal law yastabdil qawman ghairakum summa laa yakoonooo amsaalakum
📖 हिंदी अर्थ
और ख़ुदा तो तुम्हारे कीने को ज़रूर ज़ाहिर करके रहेगा देखो तुम लोग वही तो हो कि ख़ुदा की राह में ख़र्च के लिए बुलाए जाते हो तो बाज़ तुम में ऐसे भी हैं जो बुख्ल करते हैं और (याद रहे कि) जो बुख्ल करता है तो ख़ुद अपने ही से बुख्ल करता है और ख़ुदा तो बेनियाज़ है और तुम (उसके) मोहताज हो और अगर तुम (ख़ुदा के हुक्म से) मुँह फेरोगे तो ख़ुदा (तुम्हारे सिवा) दूसरों बदल देगा और वह तुम्हारे ऐसे (बख़ील) न होंगे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • تُدْعَوْنَ: तुम्हें बुलाया जाता है / आमंत्रित किया जाता है।
  • لِتُنفِقُوا: ताकि तुम खर्च करो।
  • فِي سَبِيلِ اللَّهِ: अल्लाह के रास्ते में (जिहाद और नेक कामों में)।
  • يَبْخَلُ: कंजूसी करता है।
  • الْغَنِيُّ: बेनियाज़ / किसी का मोहताज नहीं।
  • الْفُقَرَاءُ: मोहताज / ज़रूरतमंद।
  • تَتَوَلَّوْا: तुम मुँह मोड़ लो (आज्ञा न मानो)।
  • يَسْتَبْدِلْ: बदल देगा / दूसरी क़ौम ले आएगा।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ ईमान वालों! देखो, तुम्हें बुलाया जा रहा है कि अल्लाह के रास्ते में खर्च करो — यानी जिहाद में, अल्लाह के दीन की मदद में, और ज़रूरतमंदों की सहायता में। यह बुलावा तुम्हारे लिए रहमत और बरकत का ज़रिया है, क्योंकि अल्लाह तुम्हें अपने करीब लाना चाहता है और तुम्हारे दर्जात बुलंद करना चाहता है। लेकिन तुम में से कुछ लोग कंजूसी करते हैं और खर्च करने से कतराते हैं।

याद रखो! जो कोई कंजूसी करता है, वह दरअसल अपने ही नुक़्सान का सामान करता है। उसकी कंजूसी अल्लाह को कोई नुक़्सान नहीं पहुँचा सकती, बल्कि वह खुद को अल्लाह के इनाम, सवाब और रहमत से महरूम कर लेता है। अल्लाह तो बेनियाज़ है — उसे तुम्हारे माल की कोई ज़रूरत नहीं। वह तो चाहता है कि तुम्हारे दिल पाक हों और तुम्हारे अमल नेक हों। असल में तुम ही उसके मोहताज हो — तुम्हें उसकी रहमत, उसकी मग़फिरत और उसकी मदद की सख़्त ज़रूरत है।

और अगर तुम अल्लाह के हुक्म से मुँह मोड़ लो — यानी ईमान और इताअत से पीठ फेर लो — तो अल्लाह तुम्हें हलाक कर देगा और तुम्हारी जगह दूसरी क़ौम ले आएगा। वह क़ौम तुमसे बेहतर होगी — अल्लाह की इताअत करने वाली, उसके रसूल की पैरवी करने वाली, और अपने माल और जान से अल्लाह के रास्ते में जिहाद करने वाली। वे तुम्हारी तरह कंजूस और बाग़ी नहीं होंगे, बल्कि सच्चे और फ़रमाँबरदार होंगे।

यह आयत हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है — कि हम अल्लाह के रास्ते में खर्च करने में कभी कंजूसी न करें, क्योंकि यही हमारी कामयाबी का ज़रिया है। अल्लाह ने हमें जो माल दिया है, वह असल में उसी की अमानत है। जब हम उसके रास्ते में खर्च करते हैं, तो हम अपने लिए ही जमा कर रहे होते हैं — आख़िरत के लिए। और अगर हम कंजूसी करें, तो समझ लें कि हमने खुद को ही महरूम कर लिया। अल्लाह हमें अपनी रहमत से नवाज़े और हमें सच्चे खर्च करने वालों में शामिल करे। आमीन।



📜 आयत 36-38 — मुहम्मद

36إِنَّمَا الْحَيَاةُ الدُّنْيَا لَعِبٌ وَلَهْوٌ ۚ وَإِن تُؤْمِنُوا وَتَتَّقُوا يُؤْتِكُمْ أُجُورَكُمْ وَلَا يَسْأَلْكُمْ أَمْوَالَكُمْ
दुनियावी ज़िन्दगी तो बस खेल तमाशा है और अगर तुम (ख़ुदा पर) ईमान रखोगे और परहेज़गारी करोगे तो वह तुमको तुम्हारे अज्र इनायत फरमाएगा और तुमसे तुम्हारे माल नहीं तलब करेगा
37إِن يَسْأَلْكُمُوهَا فَيُحْفِكُمْ تَبْخَلُوا وَيُخْرِجْ أَضْغَانَكُمْ
और अगर वह तुमसे माल तलब करे और तुमसे चिमट कर माँगे भी तो तुम (ज़रूर) बुख्ल करने लगो
38هَا أَنتُمْ هَٰؤُلَاءِ تُدْعَوْنَ لِتُنفِقُوا فِي سَبِيلِ اللَّهِ فَمِنكُم مَّن يَبْخَلُ ۖ وَمَن يَبْخَلْ فَإِنَّمَا يَبْخَلُ عَن نَّفْسِهِ ۚ وَاللَّهُ الْغَنِيُّ وَأَنتُمُ الْفُقَرَاءُ ۚ وَإِن تَتَوَلَّوْا يَسْتَبْدِلْ قَوْمًا غَيْرَكُمْ ثُمَّ لَا يَكُونُوا أَمْثَالَكُم
और ख़ुदा तो तुम्हारे कीने को ज़रूर ज़ाहिर करके रहेगा देखो तुम लोग वही तो हो कि ख़ुदा की राह में ख़र्च के लिए बुलाए जाते हो तो बाज़ तुम में ऐसे भी हैं जो बुख्ल करते हैं और (याद रहे कि) जो बुख्ल करता है तो ख़ुद अपने ही से बुख्ल करता है और ख़ुदा तो बेनियाज़ है और तुम (उसके) मोहताज हो और अगर तुम (ख़ुदा के हुक्म से) मुँह फेरोगे तो ख़ुदा (तुम्हारे सिवा) दूसरों बदल देगा और वह तुम्हारे ऐसे (बख़ील) न होंगे
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अनुवाद — मुहम्मद 38

सूरा मुहम्मद आयत 38 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ख़ुदा तो तुम्हारे कीने को ज़रूर ज़ाहिर करके रहेगा…

सूरा आयत 38/38 — मुहम्मद محمد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मुहम्मद सुनें, मुहम्मद अनुवाद, मुहम्मद mp3, मुहम्मद pdf. आयत 36–38. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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