अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تُدْعَوْنَ: तुम्हें बुलाया जाता है / आमंत्रित किया जाता है।
- لِتُنفِقُوا: ताकि तुम खर्च करो।
- فِي سَبِيلِ اللَّهِ: अल्लाह के रास्ते में (जिहाद और नेक कामों में)।
- يَبْخَلُ: कंजूसी करता है।
- الْغَنِيُّ: बेनियाज़ / किसी का मोहताज नहीं।
- الْفُقَرَاءُ: मोहताज / ज़रूरतमंद।
- تَتَوَلَّوْا: तुम मुँह मोड़ लो (आज्ञा न मानो)।
- يَسْتَبْدِلْ: बदल देगा / दूसरी क़ौम ले आएगा।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ ईमान वालों! देखो, तुम्हें बुलाया जा रहा है कि अल्लाह के रास्ते में खर्च करो — यानी जिहाद में, अल्लाह के दीन की मदद में, और ज़रूरतमंदों की सहायता में। यह बुलावा तुम्हारे लिए रहमत और बरकत का ज़रिया है, क्योंकि अल्लाह तुम्हें अपने करीब लाना चाहता है और तुम्हारे दर्जात बुलंद करना चाहता है। लेकिन तुम में से कुछ लोग कंजूसी करते हैं और खर्च करने से कतराते हैं।
याद रखो! जो कोई कंजूसी करता है, वह दरअसल अपने ही नुक़्सान का सामान करता है। उसकी कंजूसी अल्लाह को कोई नुक़्सान नहीं पहुँचा सकती, बल्कि वह खुद को अल्लाह के इनाम, सवाब और रहमत से महरूम कर लेता है। अल्लाह तो बेनियाज़ है — उसे तुम्हारे माल की कोई ज़रूरत नहीं। वह तो चाहता है कि तुम्हारे दिल पाक हों और तुम्हारे अमल नेक हों। असल में तुम ही उसके मोहताज हो — तुम्हें उसकी रहमत, उसकी मग़फिरत और उसकी मदद की सख़्त ज़रूरत है।
और अगर तुम अल्लाह के हुक्म से मुँह मोड़ लो — यानी ईमान और इताअत से पीठ फेर लो — तो अल्लाह तुम्हें हलाक कर देगा और तुम्हारी जगह दूसरी क़ौम ले आएगा। वह क़ौम तुमसे बेहतर होगी — अल्लाह की इताअत करने वाली, उसके रसूल की पैरवी करने वाली, और अपने माल और जान से अल्लाह के रास्ते में जिहाद करने वाली। वे तुम्हारी तरह कंजूस और बाग़ी नहीं होंगे, बल्कि सच्चे और फ़रमाँबरदार होंगे।
यह आयत हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है — कि हम अल्लाह के रास्ते में खर्च करने में कभी कंजूसी न करें, क्योंकि यही हमारी कामयाबी का ज़रिया है। अल्लाह ने हमें जो माल दिया है, वह असल में उसी की अमानत है। जब हम उसके रास्ते में खर्च करते हैं, तो हम अपने लिए ही जमा कर रहे होते हैं — आख़िरत के लिए। और अगर हम कंजूसी करें, तो समझ लें कि हमने खुद को ही महरूम कर लिया। अल्लाह हमें अपनी रहमत से नवाज़े और हमें सच्चे खर्च करने वालों में शामिल करे। आमीन।
📜 आयत 36-38 — मुहम्मद
अनुवाद — मुहम्मद 38
सूरा मुहम्मद आयत 38 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ख़ुदा तो तुम्हारे कीने को ज़रूर ज़ाहिर करके रहेगा…सूरा आयत 38/38 — मुहम्मद محمد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मुहम्मद सुनें, मुहम्मद अनुवाद, मुहम्मद mp3, मुहम्मद pdf. आयत 36–38. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








