अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- शाहिदन (شَاهِدًا): गवाह बनाने वाला, उपस्थित रहने वाला
- मुबश्शिरन (مُبَشِّرًا): खुशखबरी देने वाला
- नज़ीरन (نَذِيرًا): डराने वाला, सचेत करने वाला
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हमारे प्यारे नबी ﷺ के उच्च पद और महान मिशन को बयान करती है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हमने आपको ﷺ भेजा है:
पहला: शाहिद (गवाह) — यानी आप ﷺ अपनी उम्मत पर गवाह होंगे, कि आपने उन्हें अल्लाह का संदेश पूरा पहुँचा दिया। आप ﷺ क़ियामत के दिन गवाही देंगे कि जिन लोगों ने आपकी बात मानी उन्होंने भलाई पाई, और जिन्होंने झुठलाया उन्होंने अपना नुक़सान किया। यह बात हमें बताती है कि हमारे नबी ﷺ की गवाही हमारे लिए रहमत और हिदायत का ज़रिया है।
दूसरा: मुबश्शिर (खुशखबरी देने वाला) — आप ﷺ उन लोगों को जन्नत की खुशखबरी देते हैं जो ईमान लाते हैं, नेक अमल करते हैं, और अल्लाह के दीन की मदद करते हैं। यह खुशखबरी सिर्फ आख़िरत तक सीमित नहीं, बल्कि दुनिया में भी अल्लाह उन्हें नुसरत (मदद), इज़्ज़त और तमकीन (अधिकार) अता करता है। यह हमारे लिए बहुत बड़ी उम्मीद और खुशी की बात है कि हमारा रब हमें जन्नत की दावत दे रहा है।
तीसरा: नज़ीर (डराने वाला) — आप ﷺ उन लोगों को आगाह करते हैं जो अल्लाह की नाफ़रमानी करते हैं, कि उनके लिए दुनिया में ज़िल्लत और हार है, और आख़िरत में दर्दनाक अज़ाब है। यह अल्लाह का इंसाफ़ है कि उसने अपने रसूल के ज़रिए लोगों को साफ़-साफ़ चेतावनी दे दी, ताकि कोई बहाना न बना सके।
इस आयत में हमारे लिए बहुत बड़ी नसीहत है — हमें अपने नबी ﷺ पर ईमान लाना चाहिए, उनकी सुन्नत पर चलना चाहिए, और उनके बताए रास्ते पर क़दम बढ़ाना चाहिए। जो आपकी बात मानेगा वह दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होगा, और जो मुँह मोड़ेगा वह नुक़सान उठाएगा।
अल्लाह तआला हम सबको अपने नबी ﷺ की सच्ची उम्मत बनाए, और उनकी शफ़ाअत हमें नसीब करे। आमीन।
📜 आयत 6-10 — अल-फतह
अनुवाद — अल-फतह 8
सूरा अल-फतह आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) हमने तुमको (तमाम आलम का) गवाह और ख़ुशख़बरी…सूरा आयत 8/29 — अल-फतह الفتح (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फतह सुनें, अल-फतह अनुवाद, अल-फतह mp3, अल-फतह pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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