अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- जुनूद (جنود): सेनाएँ, लश्कर, फ़ौजें।
- अज़ीज़ (عزيز): सब पर ग़ालिब, बहुत ताक़तवर, जिसे कोई हरा न सके।
- हकीम (حكيم): सब काम हिकमत और मसलहत के साथ करने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत मुसलमानों के दिलों को तसल्ली और हिम्मत देती है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि आसमानों और ज़मीन की सारी फ़ौजें उसी की मिल्कियत में हैं। आसमानों में फ़रिश्ते, जिनमें जिब्रील, मीकाइल और दूसरे करीबी फ़रिश्ते शामिल हैं, और ज़मीन में वो लश्कर जो अल्लाह की राह में जिहाद करते हैं — सब अल्लाह ही के हैं। वो जिसे चाहता है इन फ़ौजों के ज़रिए अपने नेक बंदों की मदद करता है और उन्हें कामयाबी देता है।
अल्लाह तआला अज़ीज़ है यानी वो इतना ताक़तवर है कि उसे कोई मात नहीं दे सकता, उसके फ़ैसले के आगे कोई नहीं चल सकता। और वो हकीम है यानी जो कुछ वो करता है हिकमत से करता है। अगर कभी मुसलमानों को दुश्मनों से टकराना पड़े या किसी मैदान में पीछे हटना पड़े, तो ये अल्लाह की हिकमत से होता है — कभी वो मुसलमानों को आज़माता है, कभी उनके दर्जे बुलंद करता है, और कभी दुश्मनों को उनके किए की सज़ा देता है।
इस आयत से हमें ये सबक मिलता है कि ताक़त और फ़ौजें सिर्फ़ अल्लाह के हाथ में हैं। इंसान चाहे कितनी भी बड़ी फ़ौज जमा कर ले, अल्लाह की मदद के बग़ैर वो कुछ नहीं कर सकता। इसलिए हमें हर हाल में अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए, उसी से मदद माँगनी चाहिए, और यक़ीन रखना चाहिए कि अल्लाह अपने नेक बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता। जब हम देखते हैं कि पूरी कायनात अल्लाह के इशारे पर चलती है, तो हमारा दिल इत्मीनान से भर जाता है और हमें यक़ीन हो जाता है कि हमारा रब सब कुछ कर सकता है — बस ज़रूरत है सब्र और भरोसे की।
📜 आयत 5-9 — अल-फतह
अनुवाद — अल-फतह 7
सूरा अल-फतह आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और सारे आसमान व ज़मीन के लश्कर ख़ुदा ही के…सूरा आयत 7/29 — अल-फतह الفتح (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फतह सुनें, अल-फतह अनुवाद, अल-फतह mp3, अल-फतह pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








