अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ग़मरा (غمرة): अज्ञानता, भटकाव और पापों में डूब जाना। यह ऐसी स्थिति को कहते हैं जिसमें इंसान सत्य से अंधा हो जाता है।
- साहून (ساهون): बेखबर, ग़ाफ़िल, लापरवाह। जो लोग अपने अंजाम से अनजान हों और दुनिया के झंझटों में मस्त रहें।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उन झूठे लोगों की मज़म्मत (निंदा) कर रहा है जो सच्चाई को झुठलाते हैं और क़यामत के दिन को नहीं मानते। ये लोग अज्ञानता और भटकाव के अंधेरे में इस कदर डूबे हुए हैं कि उन्हें अपने आस-पास की हक़ीक़त का एहसास ही नहीं है। वे दुनिया की चकाचौंध और ख्वाहिशात (इच्छाओं) में इतने मग्न हैं कि आख़िरत (परलोक) को भूल चुके हैं। उनका ये हाल उनकी बर्बादी की वजह बनेगा, क्योंकि वे उस दिन की तैयारी नहीं कर रहे जिस दिन उन्हें अपने कर्मों का हिसाब देना होगा।
ये आयत हमें एक बड़ी नसीहत देती है कि इंसान को दुनिया की मोहब्बत और लापरवाही में डूबकर आख़िरत को नहीं भूलना चाहिए। जो लोग आज सच्चाई से आँखें मूँद लेते हैं और मज़ाक़ उड़ाते हैं, वे कल (क़यामत के दिन) पछताएँगे, लेकिन पछताने का वक़्त निकल चुका होगा। अल्लाह तआला हमें हिदायत देता है कि हम अपनी ज़िंदगी में होशियार रहें, अपने रब की इबादत करें, और उस दिन की तैयारी करें जब कोई किसी के काम न आएगा। यही सच्ची कामयाबी है — कि इंसान दुनिया में रहते हुए भी आख़िरत को न भूले, और अपने अमल (कर्मों) को सुधारता रहे। अल्लाह हम सबको इस लापरवाही से बचाए और सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 9-13 — अज़-ज़ारियात
अनुवाद — अज़-ज़ारियात 11
सूरा अज़-ज़ारियात आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो ग़फलत में भूले हुए (पड़े) हैं पूछते हैं कि…सूरा आयत 11/60 — अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ारियात सुनें, अज़-ज़ारियात अनुवाद, अज़-ज़ारियात mp3, अज़-ज़ारियात pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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