अज़-ज़ारियात · 10/60
अनुवाद उच्चारण — सूरा अज़-ज़ारियात
قُتِلَ الْخَرَّاصُونَ ۝١٠
Qutilal kharraasoon
📖 हिंदी अर्थ
जो (ख़ुदा के इल्म में) फेरा जा चुका है अटकल दौड़ाने वाले हलाक हों

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • قُتِلَ (कुतिला): यहाँ इसका अर्थ है 'लानत की गई' या 'धिक्कार है'। यह दुआ-ए-बद के रूप में है, न कि वास्तविक मृत्यु के अर्थ में।
  • الْخَرَّاصُونَ (अल-ख़र्रासून): यह 'ख़र्रास' का बहुवचन है, जिसका अर्थ है 'बहुत अधिक झूठ बोलने वाले', 'अनुमान लगाने वाले' या 'झूठी बातें गढ़ने वाले'। यह उन लोगों के लिए प्रयोग होता है जो बिना किसी ज्ञान और प्रमाण के मनगढ़ंत बातें कहते हैं।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला उन झूठों और अटकलबाज़ों पर लानत भेजता है और उन्हें धिक्कारता है, जो अपनी मनगढ़ंत बातों से सत्य को झुठलाते हैं। ये वे लोग हैं जिन्होंने क़ुरआन और रसूल ﷺ के बारे में झूठी बातें कहीं—कभी कहा कि यह जादू है, कभी कहा कि यह शायरी है, कभी कहा कि यह पुराने ज़माने की कहानियाँ हैं। वे अपने अटकलों और ख़याली पुलाव पकाने में लगे रहे, हक़ीक़त से दूर भागते रहे, और अपनी जिद्दो-अंधकार में डूबे रहे। वे न तो दिल से सोचते थे और न ही अक़्ल से काम लेते थे, बल्कि महज़ अंदाज़ों और गुमानों पर चलते थे।

यह आयत उन सभी लोगों के लिए एक सख़्त चेतावनी है जो अल्लाह की आयतों के बारे में बिना ज्ञान के बातें करते हैं, या फिर अपने झूठे अनुमानों से लोगों को गुमराह करते हैं। अल्लाह तआला ने साफ़ कर दिया कि ऐसे लोगों का अंजाम बुरा है, और उन पर लानत है।

दावत और नसीहत:

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि हमें हमेशा सच्चाई का साथ देना चाहिए और कभी भी बिना ज्ञान के कोई बात नहीं करनी चाहिए। अल्लाह तआला ने हमें अक़्ल दी है और क़ुरआन जैसी रहनुमाई की किताब दी है। हमें चाहिए कि हम क़ुरआन और सुन्नत को समझें, उस पर अमल करें, और किसी भी मामले में अटकलबाज़ी और झूठ से बचें। याद रखें, सच्चाई हमेशा क़ायम रहती है, और झूठ का अंजाम ज़रूर बुरा होता है। अल्लाह हमें सच्चाई पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 8-12 — सूरा अज़-ज़ारियात

8إِنَّكُمْ لَفِي قَوْلٍ مُّخْتَلِفٍ
कि (ऐ अहले मक्का) तुम लोग एक ऐसी मुख्तलिफ़ बेजोड़ बात में पड़े हो
9يُؤْفَكُ عَنْهُ مَنْ أُفِكَ
कि उससे वही फेरा जाएगा (गुमराह होगा)
10قُتِلَ الْخَرَّاصُونَ
जो (ख़ुदा के इल्म में) फेरा जा चुका है अटकल दौड़ाने वाले हलाक हों
11الَّذِينَ هُمْ فِي غَمْرَةٍ سَاهُونَ
जो ग़फलत में भूले हुए (पड़े) हैं पूछते हैं कि जज़ा का दिन कब होगा
12يَسْأَلُونَ أَيَّانَ يَوْمُ الدِّينِ
उस दिन (होगा)
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10आयत

अनुवाद — अज़-ज़ारियात 10

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Saturday, October 3, 2026

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