अज़-ज़ारियात · 12/60
अनुवाद उच्चारण — सूरा अज़-ज़ारियात
يَسْأَلُونَ أَيَّانَ يَوْمُ الدِّينِ ۝١٢
Yas`aloona ayyaana yawmud Deen
📖 हिंदी अर्थ
उस दिन (होगा)

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • يَسْأَلُونَ – वे पूछते हैं
  • أَيَّانَ – कब (समय पूछने के लिए)
  • يَوْمُ الدِّينِ – प्रतिशोध (बदला) का दिन, यानी क़ियामत का दिन जब अल्लाह हर बंदे को उसके कर्मों का बदला देगा

तफ़सीर (व्याख्या):

ये आयत उन झुठलाने वालों के बारे में है जो क़ियामत के दिन को नहीं मानते और उसका मज़ाक उड़ाते हैं। वे पूछते हैं: "आख़िर ये बदला और हिसाब का दिन कब आएगा?" — लेकिन उनका ये सवाल किसी सच्ची जिज्ञासा या यक़ीन से नहीं होता, बल्कि वे इसे असंभव समझकर, ठट्ठे और मज़ाक के तौर पर पूछते हैं। वे इस दिन के लिए कोई तैयारी नहीं करते, न अच्छे कर्म करते हैं, न उस दिन के भय से अपने आपको बचाते हैं। उनका ये सवाल उनकी बेपरवाही और अंजाम से ग़ाफ़िल होने को दर्शाता है।

नसीहत और दावत का पहलू:

प्यारे भाइयों और बहनों! ये आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क़ियामत का दिन यक़ीनी है, इसमें कोई शक नहीं। जो लोग इस दिन को दूर समझकर मज़ाक उड़ाते हैं, वही असल में सबसे बड़े घाटे में हैं। हमें चाहिए कि हम उन लोगों की तरह न बनें जो सिर्फ़ पूछते हैं "कब आएगा?" — बल्कि हम उस दिन के लिए अभी से तैयारी करें। नमाज़ पढ़ें, रोज़ा रखें, अच्छे कर्म करें, लोगों की मदद करें और अल्लाह की राह में चलें। याद रखिए, वो दिन ज़रूर आएगा, और जब आएगा तो हर इंसान अपने किए का फल पाएगा। अल्लाह ने हम पर बड़ी मेहरबानी की है कि हमें इस दिन की याद दिलाई ताकि हम सही रास्ते पर चलें और उस दिन की शर्मिंदगी से बच जाएँ। आइए, हम अपनी ज़िंदगी को इस तरह गुज़ारें कि उस दिन हमारा पल्ला अच्छे कर्मों से भारी हो, और हम जन्नत के हक़दार बनें।



📜 आयत 10-14 — सूरा अज़-ज़ारियात

10قُتِلَ الْخَرَّاصُونَ
जो (ख़ुदा के इल्म में) फेरा जा चुका है अटकल दौड़ाने वाले हलाक हों
11الَّذِينَ هُمْ فِي غَمْرَةٍ سَاهُونَ
जो ग़फलत में भूले हुए (पड़े) हैं पूछते हैं कि जज़ा का दिन कब होगा
12يَسْأَلُونَ أَيَّانَ يَوْمُ الدِّينِ
उस दिन (होगा)
13يَوْمَ هُمْ عَلَى النَّارِ يُفْتَنُونَ
जब इनको (जहन्नुम की) आग में अज़ाब दिया जाएगा
14ذُوقُوا فِتْنَتَكُمْ هَٰذَا الَّذِي كُنتُم بِهِ تَسْتَعْجِلُونَ
(और उनसे कहा जाएगा) अपने अज़ाब का मज़ा चखो ये वही है जिसकी तुम जल्दी मचाया करते थे
अज़-ज़ारियातकुरान सूची
60आयत
मक्कीअवतरण स्थान
12आयत

अनुवाद — अज़-ज़ारियात 12

सूरा अज़-ज़ारियात आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उस दिन (होगा)

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Sunday, October 4, 2026

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