अज़-ज़ारियात · 33/60
अनुवाद उच्चारण — अज़-ज़ारियात
لِنُرْسِلَ عَلَيْهِمْ حِجَارَةً مِّن طِينٍ ۝٣٣
Linursila `alaihim hijaa ratam min teen
📖 हिंदी अर्थ
ताकि उन पर मिटटी के पथरीले खरन्जे बरसाएँ

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • लिनुर्सिला: कि हम भेजें
  • हिजारतन: पत्थर
  • मिन तीन: मिट्टी से (पकी हुई मिट्टी के पत्थर)

तफ़सीर (व्याख्या):

हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अल्लाह के भेजे हुए फ़रिश्तों से पूछा था कि तुम्हें किस काम के लिए भेजा गया है? तो उन्होंने उत्तर दिया कि हमें अल्लाह ने उस क़ौम की तरफ भेजा है जो बड़े अपराधी और सत्य से भटके हुए लोग हैं। हम उन पर पकी हुई मिट्टी के पत्थर बरसाने के लिए आए हैं। ये पत्थर आग में पकाए गए थे और अल्लाह की ओर से निशान लगाए हुए थे, जो उन हद से गुज़रने वालों (ज़ुल्म और गुनाह में चरम सीमा तक पहुँचने वालों) के लिए तैयार किए गए थे।

यह वही क़ौम थी जो हज़रत लूत अलैहिस्सलाम की उम्मत में से थी और अश्लीलता, बुराई और अल्लाह की नाफ़रमानी में इतनी आगे बढ़ गई थी कि उन पर अल्लाह का अज़ाब आया। यह अज़ाब सिर्फ़ एक सामान्य सज़ा नहीं थी, बल्कि उनके कर्मों का सटीक परिणाम था — जैसे उन्होंने अपने दिलों को गुनाह से पक्का कर लिया था, वैसे ही उन पर पकी हुई मिट्टी के पत्थर बरसाए गए।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है। जब कोई क़ौम हद से गुज़र जाती है और अल्लाह के नबियों को झुठलाती है, तो अल्लाह का अज़ाब उन्हें ज़रूर आ घेरता है। यह हमारे लिए एक चेतावनी है कि हम अपने जीवन में अल्लाह की नाफ़रमानी से बचें और उसकी रहमत के दामन को थामे रहें। अल्लाह बड़ा दयालु है, लेकिन वह बड़ा सख्त अज़ाब देने वाला भी है। हमें चाहिए कि हम अपने गुनाहों से तौबा करें और अल्लाह की इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारें, ताकि हम उसके अज़ाब से महफ़ूज़ रहें और उसकी जन्नत के हक़दार बनें।



📜 आयत 31-35 — अज़-ज़ारियात

31۞ قَالَ فَمَا خَطْبُكُمْ أَيُّهَا الْمُرْسَلُونَ
तब इबराहीम ने पूछा कि (ऐ ख़ुदा के) भेजे हुए फरिश्तों आख़िर तुम्हें क्या मुहिम दर पेश है
32قَالُوا إِنَّا أُرْسِلْنَا إِلَىٰ قَوْمٍ مُّجْرِمِينَ
वह बोले हम तो गुनाहगारों (क़ौमे लूत) की तरफ भेजे गए हैं
33لِنُرْسِلَ عَلَيْهِمْ حِجَارَةً مِّن طِينٍ
ताकि उन पर मिटटी के पथरीले खरन्जे बरसाएँ
34مُّسَوَّمَةً عِندَ رَبِّكَ لِلْمُسْرِفِينَ
जिन पर हद से बढ़ जाने वालों के लिए तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से निशान लगा दिए गए हैं
35فَأَخْرَجْنَا مَن كَانَ فِيهَا مِنَ الْمُؤْمِنِينَ
ग़रज़ वहाँ जितने लोग मोमिनीन थे उनको हमने निकाल दिया
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अनुवाद — अज़-ज़ारियात 33

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सूरा आयत 33/60 — अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ारियात सुनें, अज़-ज़ारियात अनुवाद, अज़-ज़ारियात mp3, अज़-ज़ारियात pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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