अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- वैल (فَوَيْلٌ) – विनाश, हानि, अफ़सोस और कड़ी यातना।
- कुफ़्र (كَفَرُوا) – इनकार करना, अल्लाह और उसके रसूल को न मानना।
- वायद (يُوعَدُونَ) – जिस दिन का वादा किया गया है, अर्थात् क़ियामत का दिन।
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला ने उन लोगों के लिए विनाश और अफ़सोस की घोषणा की है जिन्होंने अल्लाह और उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को झुठलाया और कुफ़्र का रास्ता अपनाया। उनके लिए उस दिन का इंतज़ार है जिसका उनसे वादा किया गया है—वह दिन क़ियामत का दिन है, जब उन पर अज़ाब नाज़िल होगा और वे अपने किए की सज़ा पाएँगे। यह दिन उनके लिए बड़ी मुसीबत, शर्मिंदगी और स्थायी पीड़ा का दिन होगा।
यह आयत उन लोगों के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो अल्लाह की निशानियों से मुँह मोड़ते हैं और आख़िरत पर ईमान नहीं रखते। अल्लाह तआला ने अपने रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को सांत्वना दी है कि इनकार करने वालों का अंजाम बहुत बुरा है, और उनका इंतज़ार करने वाला दिन निकट है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम उन लोगों में से हैं जो अल्लाह के वादे पर यक़ीन रखते हैं, या उनमें से हैं जो उसे भूल गए? अल्लाह का वादा सत्य है, और क़ियामत का दिन अवश्य आएगा। जो लोग इस दिन पर ईमान रखते हैं और अच्छे कर्म करते हैं, उनके लिए ख़ुशख़बरी है; और जो इनकार करते हैं, उनके लिए विनाश है। आइए हम अपने जीवन को अल्लाह की राह में लगाएँ, उसकी इबादत करें और उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की सुन्नत पर चलें, ताकि उस दिन हम सुरक्षित रहें और अल्लाह की रहमत के हक़दार बनें। यह दुनिया फ़ानी है, और आख़िरत ही असली जीवन है—वहाँ की कामयाबी ही सच्ची कामयाबी है।
📜 आयत 58-60 — अज़-ज़ारियात
अनुवाद — अज़-ज़ारियात 60
सूरा अज़-ज़ारियात आयत 60 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो जिस दिन का इन काफ़िरों से वायदा किया जाता…सूरा आयत 60/60 — अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ारियात सुनें, अज़-ज़ारियात अनुवाद, अज़-ज़ारियात mp3, अज़-ज़ारियात pdf. आयत 58–60. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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