Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- ذَنُوبًا: अज़ाब का हिस्सा या भाग।
- ذَنُوبِ: हिस्सा या भाग (पिछली उम्मों के अज़ाब के हिस्से के समान)।
- أَصْحَابِهِمْ: उनके साथी, यानी पिछली उम्में जो अल्लाह के अज़ाब में गिरफ्तार हुईं।
- فَلَا يَسْتَعْجِلُونِ: वे मुझसे जल्दी अज़ाब माँगने की कोशिश न करें।
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को दिलासा देते हुए और काफ़िरों को चेतावनी देते हुए फ़रमाता है कि जिन लोगों ने ज़ुल्म किया—यानी अपने ऊपर कुफ़्र और इन्कार का ज़ुल्म किया और आप ﷺ को झुठलाया—उनके लिए अज़ाब का एक हिस्सा तय है, बिल्कुल उसी तरह जैसे उनके पहले के साथियों (पिछली उम्मों) के लिए अज़ाब का हिस्सा तय था। जब पिछली उम्मों ने अपने नबियों को झुठलाया, तो अल्लाह ने उन्हें अपनी पकड़ में लिया और उन पर अज़ाब नाज़िल किया। यही हाल इन ज़ालिमों का भी होगा।
अल्लाह तआला फ़रमाता है: "फ़िलहाल ये लोग अज़ाब की जल्दी माँग रहे हैं और मज़ाक़ उड़ा रहे हैं, लेकिन उन्हें जल्दी नहीं करनी चाहिए। यह अज़ाब उन पर ज़रूर नाज़िल होगा, लेकिन उसका एक मुक़र्रर वक़्त है। जब वह वक़्त आ जाएगा, तो न तो वे उसे टाल सकेंगे और न ही उससे बच सकेंगे।"
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की पकड़ कभी नहीं चूकती। अल्लाह इंसाफ़ करने वाला है और हर ज़ालिम को उसके किए की सज़ा देगा। चाहे अज़ाब में देर हो, लेकिन वह ज़रूर आएगा। इसलिए इंसान को चाहिए कि वह अल्लाह के अज़ाब से डरे और अपने किए पर पछताए, क्योंकि अल्लाह की रहमत का दरवाज़ा तौबा करने वालों के लिए खुला है।
यह आयत हमारे लिए एक नसीहत है कि हम नबी ﷺ की सुन्नत पर चलें, क्योंकि जो लोग उन्हें झुठलाते हैं या उनकी शिक्षाओं से मुँह मोड़ते हैं, उनका अंजाम वही होगा जो पिछली उम्मों का हुआ। अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है, और वह चाहता है कि हम उसकी तरफ़ रुजू करें और उसकी रहमत के साये में आ जाएँ। जो लोग अल्लाह की तरफ़ लौट आते हैं, उनके लिए मग़फिरत और जन्नत की खुशखबरी है।
📜 आयत 57-60 — सूरा अज़-ज़ारियात
अनुवाद — अज़-ज़ारियात 59
सूरा अज़-ज़ारियात आयत 59 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो (इन) ज़ालिमों के वास्ते भी अज़ाब का कुछ हिस्सा…सूरा आयत 59/60 — सूरा अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ारियात सुनें, सूरा अज़-ज़ारियात अनुवाद, सूरा अज़-ज़ारियात mp3, सूरा अज़-ज़ारियात pdf. आयत 57–60. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ारियात
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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