Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَمَنَّ اللهُ عَلَيْنَا: अल्लाह ने हम पर उपकार किया, हमें कृपा और दया प्रदान की।
- وَوَقَانَا: और हमें बचा लिया, सुरक्षित रखा।
- عَذَابَ السَّمُومِ: जहन्नम की आग की तपिश और उसकी अत्यधिक गर्मी का अज़ाब। यह जहन्नम का ही एक नाम है, जो अपनी अत्यधिक गर्मी और भीषणता के लिए जाना जाता है।
विस्तृत तफ़सीर (व्याख्या):
जन्नत के नेक बंदे जब अपनी नेअमतों (अनगिनत आशीर्वादों) को देखते हैं, तो वे एक-दूसरे से पूछते हैं कि यह सब किस वजह से मिला? वे याद करते हैं कि दुनिया में रहते हुए वे अपने परिवारों के बीच अल्लाह से डरते थे, उसके अज़ाब से खौफ खाते थे और उसकी रहमत की उम्मीद रखते थे। उनका दिल हमेशा इस बात से कांपता था कि कहीं उनका रब उन्हें अपने क़हर (प्रकोप) में न पकड़ ले। यही खौफ और यही सच्ची इबादत उनके लिए नजात (मुक्ति) का ज़रिया बनी।
फिर वे शुक्रिया अदा करते हुए कहते हैं: "तो अल्लाह ने हम पर उपकार किया और हमें 'समूम' (जहन्नम की भीषण गर्मी) के अज़ाब से बचा लिया।" यानी अल्लाह ने अपनी महान कृपा से हमें हिदायत (सही रास्ता) दी, हमें ईमान और अच्छे कर्मों की तौफीक़ दी, और अपनी रहमत से हमें उस आग से महफूज़ रखा जिसकी गर्मी का अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता। यह अल्लाह का सबसे बड़ा एहसान है कि उसने हमें जहन्नम की आग से बचाया और जन्नत की ठंडी, सुखदायी और हमेशा रहने वाली नेअमतों से नवाज़ा।
यह बात हमें सिखाती है कि अल्लाह की रहमत का दरवाज़ा हमेशा खुला है। जो बंदा दुनिया में अल्लाह से डरता है, उसकी इबादत में सच्चा होता है और उससे माफ़ी और बचाव की दुआ करता है, अल्लाह उसे जहन्नम की आग से बचाकर जन्नत की नेअमतों से नवाज़ता है। यह हमारे लिए सबसे बड़ी खुशखबरी है कि अल्लाह अपने बंदों पर बड़ा कृपालु और दयालु है। वह चाहता है कि हम उसकी ओर रुजू करें, उससे डरें और उससे उम्मीद रखें, ताकि वह हमें भी इसी तरह अपनी रहमत के साये में ले ले और हमें भी जहन्नम की आग से बचाकर जन्नत की हमेशा रहने वाली खुशियों से भर दे।
📜 आयत 25-29 — सूरा अत-तूर
अनुवाद — अत-तूर 27
सूरा अत-तूर आयत 27 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो ख़ुदा ने हम पर बड़ा एहसान किया और हमको…सूरा आयत 27/49 — सूरा अत-तूर الطور (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अत-तूर सुनें, सूरा अत-तूर अनुवाद, सूरा अत-तूर mp3, सूरा अत-तूर pdf. आयत 25–29. हिंदी अर्थ: اردو.
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Thursday, October 1, 2026
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