अत-तूर · 49/49
अनुवाद उच्चारण — अत-तूर
وَمِنَ اللَّيْلِ فَسَبِّحْهُ وَإِدْبَارَ النُّجُومِ ۝٤٩
Wa minal laili fasabbihhu wa idbaaran nujoom
📖 हिंदी अर्थ
और कुछ रात को भी और सितारों के ग़ुरूब होने के बाद तस्बीह किया करो

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • مِنَ اللَّيْلِ: रात के कुछ हिस्से में।
  • فَسَبِّحْهُ: उसकी पवित्रता का वर्णन करो, उसकी तस्बीह करो, अर्थात उसकी इबादत और नमाज़ पढ़ो।
  • إِدْبَارَ النُّجُومِ: सितारों के पीछे हटने का समय, अर्थात सुबह की साफ़ होने पर सितारों के डूबने का वक्त।

तफसीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को हिदायत दे रहा है कि रात के कुछ हिस्से में भी उसकी तस्बीह करो, यानी मग़रिब और इशा की नमाज़ पढ़ो, और सितारों के पीछे हटने के वक्त यानी सुबह सादिक़ के बाद, जब सितारे डूबने लगें, उस वक्त भी उसकी तस्बीह करो, यानी फज्र की नमाज़ और उससे पहले की दो रकातें (सुन्नत) पढ़ो। यह हिदायत नबी ﷺ को दी गई, और उम्मत भी इसी पर अमल करती है।

इस आयत में अल्लाह तआला ने अपने नबी को सब्र की तरगीब दी है, क्योंकि पिछली आयत में फरमाया गया था कि "तू अपने रब के हुक्म का इंतज़ार कर और सब्र कर, क्योंकि तू हमारी निगाह में है।" यानी अल्लाह तआला अपने नबी की हिफाज़त और निगरानी कर रहा है, इसलिए उन्हें किसी बात की चिंता नहीं करनी चाहिए। यह आयत मुसलमानों के लिए भी एक प्यारा पैगाम है कि जब भी दिल पर मुश्किल आए, तो नमाज़ और अल्लाह की तस्बीह की तरफ रुजू करें, क्योंकि नमाज़ ही वह चीज़ है जो दिल को सुकून देती है और मुसीबतों में सब्र की ताकत अता करती है।

यहाँ "सितारों के पीछे हटने" का ज़िक्र करके अल्लाह तआला हमें याद दिलाता है कि जिस तरह रात के बाद सुबह होती है और सितारे गायब हो जाते हैं, उसी तरह मुसीबतों के बाद आसानी आती है। इसलिए हमें हर हाल में अल्लाह की इबादत को अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बनाए रखना चाहिए। यह आयत हमें सिखाती है कि रात और सुबह दोनों वक्त अल्लाह की याद और नमाज़ हमारी ज़िंदगी का लाज़मी हिस्सा होनी चाहिए, ताकि हमारा दिल हमेशा अल्लाह से जुड़ा रहे और हर मुश्किल में उसी से मदद माँगें।



📜 आयत 47-49 — अत-तूर

47وَإِنَّ لِلَّذِينَ ظَلَمُوا عَذَابًا دُونَ ذَٰلِكَ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَهُمْ لَا يَعْلَمُونَ
और इसमें शक़ नहीं कि ज़ालिमों के लिए इसके अलावा और भी अज़ाब है मगर उनमें बहुतेरे नहीं जानते हैं
48وَاصْبِرْ لِحُكْمِ رَبِّكَ فَإِنَّكَ بِأَعْيُنِنَا ۖ وَسَبِّحْ بِحَمْدِ رَبِّكَ حِينَ تَقُومُ
और (ऐ रसूल) तुम अपने परवरदिगार के हुक्म से इन्तेज़ार में सब्र किए रहो तो तुम बिल्कुल हमारी निगेहदाश्त में हो तो जब तुम उठा करो तो अपने परवरदिगार की हम्द की तस्बीह किया करो
49وَمِنَ اللَّيْلِ فَسَبِّحْهُ وَإِدْبَارَ النُّجُومِ
और कुछ रात को भी और सितारों के ग़ुरूब होने के बाद तस्बीह किया करो
अत-तूरकुरान सूची
49आयत
मक्कीRevelation
49आयत

अनुवाद — अत-तूर 49

सूरा अत-तूर आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और कुछ रात को भी और सितारों के ग़ुरूब होने…

सूरा आयत 49/49 — अत-तूर الطور (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तूर सुनें, अत-तूर अनुवाद, अत-तूर mp3, अत-तूर pdf. आयत 47–49. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए