Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- कुल्लु मन: हर कोई, प्रत्येक व्यक्ति या प्राणी।
- अलैहा: उस पर (अर्थात पृथ्वी पर)।
- फ़ानिन: नाशवान, मिटने वाला, समाप्त होने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हमें जीवन की अस्थायित्व और संसार की फ़ानी होने की सच्चाई से अवगत कराती है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि धरती पर जितने भी प्राणी हैं—चाहे वे इंसान हों, जिन्न हों, जानवर हों या कोई और मख़लूक़—सब कुछ नाशवान है। हर जीवित प्राणी को एक दिन मृत्यु का स्वाद चखना है। यहाँ तक कि फ़रिश्ते, नबी और रसूल भी इस नियम से बाहर नहीं हैं। यह संसार एक मेहमानख़ाने की तरह है, जहाँ हर आने वाले को एक दिन जाना है।
यह आयत हमें याद दिलाती है कि इस दुनिया से मोहब्बत और लगाव बेकार है, क्योंकि यहाँ कुछ भी स्थायी नहीं। इंसान अपनी ज़िंदगी में धन, संपत्ति, ओहदा और रिश्तों पर इतराता है, लेकिन इन सबका कोई भरोसा नहीं। मौत का फ़रिश्ता हर किसी को अपना निवाला बनाएगा। यही वह हक़ीक़त है जो इंसान को ग़ाफ़िल होने से रोकती है और उसे अमल की तरफ़ राग़िब करती है।
इस आयत का गहरा पैग़ाम यह है कि हमें अपनी ज़िंदगी को सिर्फ़ दुनिया की ख़्वाहिशों के लिए नहीं जीना चाहिए, बल्कि उस हमेशा रहने वाले अल्लाह की रज़ा के लिए जीना चाहिए, जो कभी नहीं मिटता। जब हमें यक़ीन हो जाए कि यह दुनिया फ़ानी है और आख़िरत ही असली ठिकाना है, तो हमारा दिल दुनिया की मुहब्बत से निकलकर अल्लाह की इबादत और नेक कामों की तरफ़ मुड़ जाता है।
यह आयत हमें दुनिया की बेहतरीन नसीहत देती है कि हर शख्स को अपनी ज़िंदगी का हिसाब देना है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने वक़्त को नेकियों में गुज़ारें, लोगों के साथ अच्छा सुलूक करें, और अल्लाह की इबादत में मशग़ूल रहें। याद रखिए, जो चीज़ फ़ानी है उस पर दिल लगाना बेवक़ूफ़ी है, और जो चीज़ बाक़ी रहने वाली है—यानी अल्लाह की रज़ा और जन्नत—उसी के लिए कोशिश करना असली कामयाबी है।
📜 आयत 24-28 — सूरा अर-रहमान
अनुवाद — अर-रहमान 26
सूरा अर-रहमान आयत 26 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो (मख़लूक) ज़मीन पर है सब फ़ना होने वाली हैसूरा आयत 26/78 — सूरा अर-रहमान الرحمن (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अर-रहमान सुनें, सूरा अर-रहमान अनुवाद, सूरा अर-रहमान mp3, सूरा अर-रहमान pdf. आयत 24–28. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अर-रहमान
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


