Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فِيهِمَا: उन दोनों जन्नतों में
- مِن كُلِّ فَاكِهَةٍ: हर प्रकार के फल में से
- زَوْجَانِ: दो प्रकार (दो क़िस्में)
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने अपने नेक बंदों के लिए जो दो जन्नतें तैयार की हैं, उनमें हर प्रकार के फल की दो-दो क़िस्में होंगी। एक ही फल की दो अलग-अलग प्रजातियाँ होंगी—एक ताज़ा और रसीला, दूसरा सूखा और मीठा, या एक सफ़ेद और दूसरा लाल, या एक छोटा और दूसरा बड़ा। यानी हर फल अपनी दो शक्लों और दो लज़्ज़तों के साथ मौजूद होगा, ताकि जन्नतियों का आनंद दोगुना हो जाए और उन्हें कभी एकरसता महसूस न हो।
यह अल्लाह की उस असीम रहमत और करम का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि उसने अपने बंदों के लिए ऐसी जन्नतें बनाई हैं जिनमें हर चीज़ की दो-दो क़िस्में हैं। दुनिया में इंसान को किसी फल का एक ही स्वाद मिलता है, लेकिन जन्नत में अल्लाह ने हर फल को दो रूपों में पैदा किया है—एक ताज़ा और रसीला, दूसरा सूखा और मीठा—ताकि हर पल नई लज़्ज़त और नया आनंद मिले।
प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की नेमतें कितनी बेहिसाब हैं। जब हम दुनिया में किसी फल का स्वाद लेते हैं, तो हमें याद रखना चाहिए कि यह तो उस जन्नत की एक झलक मात्र है जो अल्लाह ने अपने मोमिन बंदों के लिए तैयार की है। जो लोग दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं, उसके हुक्मों का पालन करते हैं और उसके रसूल ﷺ की सुन्नत पर चलते हैं, उनके लिए यही जन्नतें हैं।
अल्लाह तआला ने इस आयत में "زَوْجَانِ" (दो प्रकार) कहकर हमें बताया कि जन्नत की नेमतें सिर्फ एक ही तरह की नहीं होंगी, बल्कि हर चीज़ में विविधता और किस्में होंगी। यह अल्लाह की रहमत का कमाल है कि वह अपने बंदों को कभी ऊबने नहीं देगा, बल्कि हर पल नई ख़ुशी और नए सुख से भर देगा।
आओ, हम सब इस नेमत को पाने के लिए अपने ईमान को मज़बूत करें, नेक अमल करें और अल्लाह से उसकी जन्नत की दुआ माँगते रहें। यक़ीनन अल्लाह अपने रहम करने वालों पर बहुत करम करने वाला है।
📜 आयत 50-54 — सूरा अर-रहमान
अनुवाद — अर-रहमान 52
सूरा अर-रहमान आयत 52 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इन दोनों बाग़ों में सब मेवे दो दो किस्म के…सूरा आयत 52/78 — सूरा अर-रहमान الرحمن (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अर-रहमान सुनें, सूरा अर-रहमान अनुवाद, सूरा अर-रहमान mp3, सूरा अर-रहमान pdf. आयत 50–54. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अर-रहमान
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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