अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- النَّجْمُ (अन-नज्मु): वह पौधा जिसका तना नहीं होता, जैसे घास, सब्ज़ियाँ आदि।
- الشَّجَرُ (अश-शजरु): वह पौधा जिसका तना होता है, जैसे पेड़।
- يَسْجُدَانِ (यस्जुदानि): दोनों सजदा करते हैं, अर्थात अल्लाह के आगे झुकते हैं और उसके प्रति आज्ञाकारी होते हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपनी महान शक्ति और रहमत का ज़िक्र करते हुए बताते हैं कि धरती पर उगने वाले छोटे-बड़े सभी पौधे, चाहे वे बिना तने के हों (जैसे घास, बेलें) या तने वाले हों (जैसे पेड़), सभी अपने रब के सामने सजदे में हैं। यह सजदा उनकी फ़ितरत (स्वाभाविक प्रवृत्ति) में डाल दिया गया है — वे अल्लाह के हुक्म के आगे पूरी तरह समर्पित हैं और अपनी पूरी हस्ती के साथ उसकी आज्ञा का पालन करते हैं। उनकी परछाइयाँ भी सुबह-शाम अल्लाह के सामने झुकती हैं, जैसा कि कुरआन में और जगह बताया गया है। ये सारे पौधे न केवल अल्लाह की तस्बीह (प्रशंसा) करते हैं, बल्कि इंसानों के लिए फ़ायदेमंद चीज़ें पैदा करके उनकी सेवा में लगे हुए हैं — फल, अनाज, छाया, लकड़ी, और कई प्रकार की नेमतें। यह सब कुछ अल्लाह की रहमत और उसकी तदबीर से हो रहा है।
दावती पहलू:
इस आयत पर ग़ौर करने से हमें अपने रब की अज़ीमत (महानता) का एहसास होता है। जब बेजान पौधे और पेड़ अपने रब के सामने सजदे में हैं, तो हम इंसानों को जिन्हें अक्ल और समझ दी गई है, कितना ज़्यादा चाहिए कि हम अपने ख़ालिक़ के आगे झुकें, उसकी इबादत करें और उसके हुक्मों का पालन करें। यह आयत हमें सिखाती है कि पूरी कायनात अल्लाह की तस्बीह कर रही है, और हमें भी उसी क़ाफ़िले में शामिल होना चाहिए। जो इंसान अपने रब के सामने सजदा करता है, वह उस आज़ादी और सुकून को पाता है जो दुनिया की किसी भी चीज़ में नहीं मिल सकती। अल्लाह की रहमत यह है कि उसने हमें सजदे का शरीफ़ मौक़ा दिया है — यह हमारे लिए बड़ी नेमत है कि हम अपने रब के सामने अपना माथा रख सकते हैं और उससे जुड़ सकते हैं। आइए, हम इस नेमत की क़द्र करें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और उसकी रज़ा के लिए समर्पित करें।
📜 आयत 4-8 — अर-रहमान
अनुवाद — अर-रहमान 6
सूरा अर-रहमान आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और बूटियाँ बेलें, और दरख्त (उसी को) सजदा करते हैंसूरा आयत 6/78 — अर-रहमान الرحمن (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अर-रहमान सुनें, अर-रहमान अनुवाद, अर-रहमान mp3, अर-रहमान pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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