अल-वाकिया · 9/96
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-वाकिया
وَأَصْحَابُ الْمَشْأَمَةِ مَا أَصْحَابُ الْمَشْأَمَةِ ۝٩
Wa as haabul mash`amati maaa as haabul mash`amah
📖 हिंदी अर्थ
और बाएं हाथ (में आमाल नामा लेने) वाले (अफ़सोस) बाएं हाथ वाले क्या (मुसीबत में) हैं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • अस्हाबुल मश्अमह: वे लोग जिनका कर्म-पत्र उनके बाएँ हाथ में दिया जाएगा। 'मश्अमह' का अर्थ है बायाँ हाथ या बाईं ओर, और यहाँ इससे आशय उन लोगों से है जो अभागे हैं और नरक की ओर ले जाए जाएँगे।

तफसीर:

जब अल्लाह तआला ने आरंभिक आयतों में क़यामत के दिन लोगों को तीन श्रेणियों में विभाजित करने का उल्लेख किया, तो इस आयत में उन दुर्भाग्यशाली लोगों का वर्णन किया गया है जो बाएँ हाथ वाले होंगे। ये वे लोग हैं जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के आदेशों की अवहेलना की, पैग़ंबरों को झुठलाया और अपनी इच्छाओं का पालन किया। क़यामत के दिन जब उनके आमालनामे (कर्म-पत्र) उनके बाएँ हाथ में दिए जाएँगे, तो वे अत्यंत अपमानित और पश्चाताप से भरे होंगे।

अल्लाह तआला ने इस वाक्य को दोहराकर उनकी दुर्दशा और बुरे अंजाम की ओर ध्यान आकर्षित किया है—"मा अस्हाबुल मश्अमह" यानी बाएँ हाथ वाले कितने बदनसीब और कितने बुरे हाल में होंगे! यह एक ऐसा प्रश्नवाचक वाक्य है जो उनकी भयावह स्थिति को व्यक्त करता है, जिसे शब्दों में बयान करना कठिन है। वे जहन्नुम की ओर बाईं ओर ले जाए जाएँगे, जहाँ उन्हें कठोर यातना का सामना करना होगा।

यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारा अंजाम हमारे कर्मों पर निर्भर है। जो व्यक्ति आज अल्लाह की राह से भटक जाता है और अपनी ज़िंदगी को बेहूदा कामों में गँवा देता है, वह कल इसी प्रकार पछताएगा, लेकिन तब पछताने का कोई फायदा नहीं होगा। इसलिए ईमानदार मुसलमान को चाहिए कि वह अपने जीवन को अल्लाह की आज्ञा के अनुसार ढाले, नेक कर्म करे और उन चीज़ों से बचे जो अल्लाह ने हराम की हैं, ताकि वह दाहिने हाथ वालों में शामिल हो सके और क़यामत के दिन की भयावहता से सुरक्षित रहे। अल्लाह तआला अपने रहमान और करीम होने के कारण हमें तौफीक़ दे कि हम उसके पसंदीदा बंदों में से हों। आमीन।



📜 आयत 7-11 — सूरा अल-वाकिया

7وَكُنتُمْ أَزْوَاجًا ثَلَاثَةً
और तुम लोग तीन किस्म हो जाओगे
8فَأَصْحَابُ الْمَيْمَنَةِ مَا أَصْحَابُ الْمَيْمَنَةِ
तो दाहिने हाथ (में आमाल नामा लेने) वाले (वाह) दाहिने हाथ वाले क्या (चैन में) हैं
9وَأَصْحَابُ الْمَشْأَمَةِ مَا أَصْحَابُ الْمَشْأَمَةِ
और बाएं हाथ (में आमाल नामा लेने) वाले (अफ़सोस) बाएं हाथ वाले क्या (मुसीबत में) हैं
10وَالسَّابِقُونَ السَّابِقُونَ
और जो आगे बढ़ जाने वाले हैं (वाह क्या कहना) वह आगे ही बढ़ने वाले थे
11أُولَٰئِكَ الْمُقَرَّبُونَ
यही लोग (ख़ुदा के) मुक़र्रिब हैं
अल-वाकियाकुरान सूची
96आयत
मक्कीअवतरण स्थान
9आयत

अनुवाद — अल-वाकिया 9

सूरा अल-वाकिया आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और बाएं हाथ (में आमाल नामा लेने) वाले (अफ़सोस) बाएं…

सूरा आयत 9/96 — सूरा अल-वाकिया الواقعة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-वाकिया सुनें, सूरा अल-वाकिया अनुवाद, सूरा अल-वाकिया mp3, सूरा अल-वाकिया pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.





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Tuesday, September 29, 2026

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