अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نُقَلِّبُ – हम पलट देते हैं (यानी उनके दिलों और आँखों को सत्य से हटा देते हैं)।
- أَفْئِدَة – दिल (बहुवचन)।
- أَبْصَار – आँखें (बहुवचन)।
- طُغْيَان – सरकशी, हद से बढ़ जाना, ज़ुल्म और जिद।
- يَعْمَهُون – भटकते हुए, अंधे बनकर सत्य से दूर होते रहना।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के हाल का वर्णन करती है जिन्होंने हक़ (सत्य) को जानबूझकर ठुकरा दिया और अपनी जिद व अहंकार के कारण ईमान लाने से इनकार कर दिया। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जब वे पहली बार आई हुई आयात (निशानियों) पर ईमान नहीं लाए, बल्कि उनका मज़ाक उड़ाया और उन्हें झुठलाया, तो अल्लाह ने उनके दिलों और आँखों को पलट दिया — यानी उनके दिलों से सत्य को समझने की तौफ़ीक़ छीन ली और उनकी आँखों से हिदायत की रोशनी हटा दी। अब वे जब भी कोई निशानी देखते हैं, तो उससे सबक़ नहीं लेते, क्योंकि उन्होंने खुद अपनी पहली मुलाक़ात में सत्य को नकार कर अपनी किस्मत का फैसला कर लिया था। यह उनकी जिद और सरकशी की सज़ा है कि अल्लाह उन्हें उनकी गुमराही में छोड़ देता है, और वे भटकते रहते हैं, अंधों की तरह इधर-उधर टकराते हैं, सत्य का रास्ता उन्हें नहीं सूझता।
यह आयत हमें एक बड़ी हक़ीक़त से आगाह करती है कि ईमान और हिदायत अल्लाह के हाथ में है। जो बंदा सत्य को पहचानने के बाद भी उसका इनकार करता है और जिद पर अड़ा रहता है, तो अल्लाह उसके दिल पर मुहर लगा सकता है और उसे उसकी हालत पर छोड़ सकता है। यह अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) है। इसलिए हमें चाहिए कि जब सत्य हमारे सामने आए, तो उसे खुले दिल से क़बूल करें, क्योंकि दिल की सफ़ाई और आँखों की रोशनी अल्लाह की रहमत से मिलती है। जो लोग सत्य को क़बूल करते हैं, अल्लाह उनके दिलों को और रोशन करता है और उन्हें सीधे रास्ते पर चलाता है। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि हम अपने दिलों को हमेशा अल्लाह की याद और उसकी आयात पर ग़ौर करने से ज़िंदा रखें, ताकि हम उन लोगों में से न हों जिनके दिल और आँखें पलट दी गईं। अल्लाह से दुआ है कि वह हमें सत्य को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे।
📜 आयत 108-112 — अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 110
सूरा अल-अनआम आयत 110 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हम उनके दिल और उनकी ऑंखें उलट पलट कर…सूरा आयत 110/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 108–112. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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