अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- फ़ित्ना: यहाँ इसका अर्थ है आज़माइश, परीक्षा, या ऐसा हालत जिसमें काफ़िरों को हमारे बारे में ग़लतफ़हमी हो या वे हमें सताएँ।
- अल-अज़ीज़: वह शक्तिशाली जो कभी पराजित न हो।
- अल-हकीम: वह तत्वदर्शी जो हर काम हिकमत (बुद्धिमत्ता) से करता है।
तफ़सीर:
ऐ मेरे पालनहार! हमें उन लोगों के लिए फ़ित्ना (परीक्षा और आज़माइश) का ज़रिया न बना, जिन्होंने तेरा इनकार किया है। यानी हमें उनके सामने ऐसी कमज़ोर हालत में न डाल कि वे हम पर हावी हो जाएँ, हमें सताएँ, या हमारे ऊपर ऐसी मुसीबत डाली जाए जिससे वे यह कहने लगें कि "अगर ये लोग सच्चे होते तो इन पर यह आफ़त न आती" — और इस तरह वे अपने कुफ़्र में और बढ़ जाएँ। या यह कि वे हमें हमारे दीन से भटका दें और हमें धर्म के मामले में आज़माएँ।
और ऐ हमारे रब! हमारे गुनाहों को माफ़ कर दे, हमारी कमियों को ढाँप दे, और हम पर अपनी रहमत कर। बेशक तू ही अज़ीज़ (सब पर ग़ालिब) है — कोई तुझ पर जीत नहीं सकता — और तू ही हकीम है — तेरी हर तदबीर, हर फ़ैसला और हर क़ानून हिकमत से भरा हुआ है।
दावती पहलू:
यह दुआ हमें सिखाती है कि एक मोमिन को हमेशा अपने रब से यही माँगना चाहिए कि वह हमें काफ़िरों के सामने ऐसी हालत में न डाले जिससे उन्हें हमारे दीन पर शुबहा हो या हमारे ईमान को नुक़सान पहुँचे। यह दुआ हमें अल्लाह की क़ुदरत और हिकमत पर भरोसा करना सिखाती है — कि वही हमारी हिफ़ाज़त करने वाला है, और उसकी पनाह में रहने वाला कभी रुसवा नहीं होता। यह भी सिखाती है कि हमें अपने गुनाहों की माफ़ी माँगते रहना चाहिए, क्योंकि गुनाहों की वजह से ही अक्सर मुसीबतें आती हैं। यह दुआ हमें अल्लाह से गहरा रिश्ता जोड़ती है और हमें सब्र, तवक्कुल और इस्तिक़ामत की तालीम देती है।
📜 आयत 3-7 — अल-मुमतहिना
अनुवाद — अल-मुमतहिना 5
सूरा अल-मुमतहिना आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तेरी तरफ हमें लौट कर जाना है ऐ हमारे…सूरा आयत 5/13 — अल-मुमतहिना الممتحنة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुमतहिना सुनें, अल-मुमतहिना अनुवाद, अल-मुमतहिना mp3, अल-मुमतहिना pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








