अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- फ़िरऔन: मिस्र का वह ज़ालिम बादशाह जिसने मूसा (अलैहिस्सलाम) की पैग़म्बरी को झुठलाया।
- मन क़ब्लहु: वे उम्मतें जो फ़िरऔन से पहले गुज़रीं, जिन्होंने अपने रसूलों को झुठलाया।
- अल-मु'तफ़िकात: वे बस्तियाँ जो उलट दी गईं, यानी हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) की क़ौम की बस्तियाँ, जिन्हें अल्लाह ने उनके गुनाहों की वजह से ज़मीन के नीचे कर दिया।
- बिल-ख़ाति'अह: बड़े गुनाह और कुफ़्र के साथ, यानी वे शिर्क और बुरे कामों के साथ आए।
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला ने उन ज़ालिम क़ौमों का ज़िक्र किया है जिन्होंने अपने रसूलों को झुठलाया और अल्लाह की नाफ़रमानी में हद से गुज़र गए। फ़िरऔन, जो अपनी सरकशी और ज़ुल्म में मशहूर था, और उससे पहले की क़ौमें—जैसे नूह, आद, समूद की क़ौमें—सब अपने-अपने नबियों के सामने झुकने से इनकार कर बैठीं। साथ ही "अल-मु'तफ़िकात" यानी हज़रत लूत की क़ौम की बस्तियाँ, जो अपनी बेशर्मी और अप्राकृतिक कामों (होमोसेक्सुअलिटी) की वजह से बदनाम थीं, वे भी अपने नबी की दावत को ठुकराकर गुनाहों में डूबी रहीं।
ये सारी क़ौमें "ख़ाति'अह" यानी बड़े गुनाह और शिर्क पर जमी हुई थीं। उन्होंने अल्लाह के हुक्मों को मानने के बजाय अपनी ख्वाहिशात की पैरवी की। नतीजा यह हुआ कि अल्लाह ने उन्हें ऐसी पकड़ में पकड़ा जो बेहद सख्त थी—कोई तूफ़ान से हलाक हुआ, कोई चीख़ से, कोई ज़मीन में धँसा दिया गया, और कोई पत्थरों की बारिश से तबाह हुआ।
इस आयत से हमें सबक़ मिलता है कि अल्लाह की नाफ़रमानी और रसूलों की नाफ़रमानी कभी बेसज़ा नहीं जाती। अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, और वह अपने बन्दों पर ज़ुल्म करने वालों को मोहलत ज़रूर देता है, लेकिन जब पकड़ता है तो कोई बचा नहीं सकता। यह हमारे लिए चेतावनी है कि हम अपने जीवन में अल्लाह के हुक्मों की पैरवी करें, अपने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की सुन्नत को अपनाएँ, और उन बुरे कामों से बचें जो इन क़ौमों की हलाकत का सबब बने। अल्लाह तआला रहम करने वाला है, और जो कोई उसकी तरफ़ रुजू करे, उसे वह माफ़ कर देता है और दुनिया और आख़िरत में कामयाबी अता फ़रमाता है।
📜 आयत 7-11 — अल-हाक़्का
अनुवाद — अल-हाक़्का 9
सूरा अल-हाक़्का आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और फिरऔन और जो लोग उससे पहले थे और वह…सूरा आयत 9/52 — अल-हाक़्का الحاقة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हाक़्का सुनें, अल-हाक़्का अनुवाद, अल-हाक़्का mp3, अल-हाक़्का pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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