Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- خُذِ الْعَفْوَ (ख़ुज़िल-अफ़्व) : अर्थात क्षमा को अपनाओ, लोगों से आसानी और नरमी के साथ पेश आओ, उनके स्वभाव की कमजोरियों को सहन करो और उनसे वही लो जो वे आसानी से दे सकें।
- الْعُرْفِ (अल-उर्फ़) : हर वह अच्छा काम, अच्छी बात और नेक आदत जिसे अक़्ल और शरीअत अच्छा समझे।
- الْجَاهِلِينَ (अल-जाहिलीन) : अज्ञानी लोग, जो बेवजह झगड़ते हैं, बुरा बोलते हैं या नासमझी से पेश आते हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! तुम और तुम्हारी उम्मत लोगों के अच्छे स्वभाव और नेक आमाल को क़बूल करो। लोगों से वही उम्मीद रखो जो उनके लिए आसान हो, उन पर ऐसी ज़िम्मेदारियाँ मत डालो जो उनकी ताक़त से बाहर हों, क्योंकि सख़्ती लोगों को दूर भगाती है। लोगों को हमेशा अच्छी बात कहने और अच्छे काम करने का हुक्म दो। और जो लोग जहालत की वजह से तुमसे बुरा सलूक करें, उनसे मुँह मोड़ लो, यानी उनकी जहालत का जवाब जहालत से मत दो। जो तुम्हें तकलीफ़ दे, उसे तकलीफ़ मत पहुँचाओ; जो तुम्हें महरूम करे, उसे महरूम मत करो। बल्कि दरगुज़र करो और अल्लाह की राह में नेकी पर क़ायम रहो। यह हुक्म उस वक़्त दिया गया जब कुछ मुशरिकीन नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) से बदसलूकी करते थे, जैसे अबू जहल और उसके साथी, तो अल्लाह ने फ़रमाया कि इनसे अलग रहो और अपना काम जारी रखो।
फ़ायदे (सबक़):
- यह आयत हमें सिखाती है कि इस्लाम नरमी, आसानी और अच्छे अख़लाक़ का दीन है। हमें लोगों से नरमी से पेश आना चाहिए और उनकी कमज़ोरियों पर सख़्ती नहीं करनी चाहिए।
- हमें हमेशा अच्छी बातें बोलनी चाहिए और अच्छे कामों का हुक्म देना चाहिए, चाहे सामने वाला हमारा दुश्मन ही क्यों न हो।
- जहालत और बुरे सलूक का जवाब बुराई से नहीं, बल्कि दरगुज़र और अच्छाई से देना चाहिए। यही अल्लाह को पसंद है और यही इंसान को बुलंदी देता है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि ग़ुस्से और झगड़े से बचना चाहिए, और अपनी एनर्जी नेक कामों में लगानी चाहिए, ताकि समाज में मुहब्बत और भाईचारा बढ़े।
📜 आयत 197-201 — सूरा अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 199
सूरा अल-आराफ आयत 199 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम दरगुज़र करना एख्तियार करो और अच्छे काम…सूरा आयत 199/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 197–201. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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