अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَنزَغَنَّكَ – तुम्हें छेड़े, उकसाए, या तुम्हारे दिल में कुछ डाल दे।
- نَزْغٌ – वसवसा, उकसावा, ग़ुस्से का जोश, या बुराई की तरफ उभारना।
- فَاسْتَعِذْ – पनाह माँगो, सहारा लो, और उसकी शरण में जाओ।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! जब भी शैतान की तरफ से तुम्हें कोई वसवसा पहुँचे — चाहे वह ग़ुस्से का जोश हो, बुराई की तरफ उभारना हो, या किसी नेक काम से रोकने की कोशिश हो — तो उस वक़्त तुम फ़ौरन अल्लाह की पनाह माँगो और उसी की शरण में जाओ। यानी "أعوذ بالله من الشيطان الرجيم" कहो। यह सिर्फ़ ज़ुबानी कहना नहीं है, बल्कि दिल से अल्लाह पर भरोसा करना और उसी से मदद माँगना है। अल्लाह हर बात को सुनने वाला है — चाहे वह तुम्हारी ज़ुबान से निकले या तुम्हारे दिल में हो — और वह तुम्हारे हर अमल को जानने वाला है। वह जानता है कि तुम्हारे लिए किस चीज़ में भलाई है, और जब तुम उसकी पनाह माँगोगे तो वह तुम्हें शैतान के शर से महफ़ूज़ रखेगा और तुम्हें उस रास्ते पर चलाएगा जो तुम्हारे लिए बेहतर है।
फ़ायदे (सबक़):
- शैतान की वसवसा हर इंसान को आती है, यहाँ तक कि नबी को भी — इसलिए कोई शर्मिंदा न हो, बल्कि सीखे कि उस वक़्त क्या करना है।
- शैतान से बचने का सबसे मज़बूत ज़रिया अल्लाह की पनाह है — अपनी ताक़त या अपनी कोशिशों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
- यह आयत हमें सिखाती है कि ग़ुस्से या बुरे ख़यालात के वक़्त फ़ौरन अल्लाह का ज़िक्र करें — यही सबसे बड़ा हथियार है।
- अल्लाह की सुनने और जानने की सिफ़त हमें तसल्ली देती है कि हमारी हर दुआ और पनाह की दरख़्वास्त उस तक पहुँचती है, और वह हमें अकेला नहीं छोड़ता।
- यह आयत मुसलमान को सिखाती है कि हर मुश्किल में अल्लाह की तरफ रुजू करना चाहिए — यही ईमान की निशानी है और यही कामयाबी का रास्ता है।
📜 आयत 198-202 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 200
सूरा अल-आराफ आयत 200 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अगर शैतान की तरफ से तुम्हारी (उम्मत के) दिल में…सूरा आयत 200/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 198–202. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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