अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَعَقَرُوا النَّاقَةَ: उन्होंने ऊँटनी को काट डाला (उसके पैर काटकर उसे गिरा दिया)।
- وَعَتَوْا: और उन्होंने सरकशी/घमंड किया, अकड़ दिखाई।
- عَنْ أَمْرِ رَبِّهِمْ: अपने रब के हुक्म से (मुँह मोड़ा)।
- ائْتِنَا بِمَا تَعِدُنَا: हमें वह (अज़ाब) ला दो जिसकी तू हमें धमकी देता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब समूद की क़ौम ने अपने नबी सालेह (अलैहिस्सलाम) की बार-बार की नसीहतों को ठुकरा दिया और उन्हें झूठा कहने पर आमादा हो गई, तो उन्होंने उस खास ऊँटनी को, जिसे अल्लाह ने उनकी हिदायत के लिए एक निशानी के तौर पर भेजा था, बुरी तरह काट डाला। यह काम उन्होंने न सिर्फ़ अल्लाह के हुक्म की अवहेलना करते हुए किया, बल्कि पूरे घमंड और सरकशी के साथ किया। उनका दिल इतना सख्त हो चुका था कि वे अपने रब के हुक्म को मानने के बजाय उसकी नाफ़रमानी पर उतर आए।
इसके बाद उन्होंने अपनी शरारत और मज़ाक़िय्या अंदाज़ में अपने नबी से कहा: "ऐ सालेह! अगर तू सचमुच अल्लाह के भेजे हुए रसूलों में से है, तो ले आ वह अज़ाब जिसकी तू हमें धमकी देता रहा है।" वे इस तरह बात कर रहे थे जैसे उन्हें अल्लाह के अज़ाब की कोई परवाह ही नहीं है, और वे उसे दूर की बात समझकर ठट्ठा उड़ा रहे थे। उनकी इस बात में नबी की सच्चाई को जाँचने की नीयत नहीं थी, बल्कि सिर्फ़ तंज़ और इस्तेहज़ा था।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के हुक्मों के आगे सर झुकाना ही इंसान की कामयाबी है। जो लोग हक़ को सुनकर भी उससे मुँह मोड़ते हैं और अपनी ज़िद व घमंड में पड़े रहते हैं, वे अल्लाह के अज़ाब को बुलावा देते हैं। नबी सालेह (अलैहिस्सलाम) की क़ौम ने जो कुछ किया, उसका अंजाम उन्हें भुगतना पड़ा — और यह हर उस इंसान के लिए एक सबक़ है जो अल्लाह के दीन से बेपरवाही बरतता है। अल्लाह की नाफ़रमानी पर उतर आना, उसके नबियों का मज़ाक़ उड़ाना और अज़ाब को दूर समझना — ये सब वो रास्ते हैं जो इंसान को हलाकत की तरफ़ ले जाते हैं। हमें चाहिए कि हम अपने रब के हुक्मों को पूरे दिल से क़बूल करें, अपने नबी की सुन्नत पर चलें और अल्लाह की रहमत के तलबगार बनें, क्योंकि उसकी रहमत उन्हीं के लिए है जो उसके आगे झुक जाएँ।
📜 आयत 75-79 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 77
सूरा अल-आराफ आयत 77 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ग़रज़ उन लोगों ने ऊँटनी के कूचें और पैर काट…सूरा आयत 77/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 75–79. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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