Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الرَّجْفَةُ: अत्यंत भीषण भूकंप या ज़लज़ला, जिससे दिल उखड़ जाएं।
- جَاثِمِينَ: मृत अवस्था में घुटनों और चेहरों के बल गिरे हुए, बेजान होकर ज़मीन से चिपके हुए।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत सालेह अलैहिस्सलाम की क़ौम (समूद) ने हठ और सरकशी पर अड़े रहकर अल्लाह के नबी को झुठलाया और उस अज़ाब को मज़ाक़ समझकर जल्दी मांगा, तो अल्लाह का वादा पूरा हुआ। उन काफ़िरों को एक ऐसे भीषण भूकंप ने आ लिया जिसने उनके दिलों को चीर दिया और उनकी जानें निकाल दीं। सुबह होते-होते वे अपने ही घरों में इस हालत में पड़े हुए थे कि उनके चेहरे और घुटने ज़मीन से चिपके हुए थे, एक दूसरे के ऊपर गिरे हुए मुर्दा पड़े थे। उनमें से कोई भी इस अज़ाब से बचकर नहीं निकल सका। यह उनकी उस चुनौती का सीधा परिणाम था जो उन्होंने अल्लाह के अज़ाब के लिए जल्दी मांगी थी। यह मंज़र उनके लिए बेहद रुसवाई और ज़िल्लत का था, क्योंकि वे अपने घरों में ही मारे गए, बिना किसी को मौका दिए कि वे भाग सकें या कोई बचाव कर सके।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह का अज़ाब जब आता है तो किसी को मोहलत नहीं दी जाती; इसलिए इंसान को नबियों की दावत को गंभीरता से लेना चाहिए और उसे टालना या मज़ाक़ समझना नहीं चाहिए।
- अल्लाह की पकड़ इतनी सख्त होती है कि इंसान अपने ही घर में, अपनी ही जगह पर, बिना किसी पनाह के पकड़ा जाता है — यह दिखाता है कि अल्लाह से बचने की कोई जगह नहीं।
- जो लोग हक़ के मुक़ाबले में अकड़ते हैं और अज़ाब की जल्दी मांगते हैं, उन्हें अक्सर वही अज़ाब उस वक़्त आ पकड़ता है जब वे सबसे ज़्यादा ग़ाफ़िल होते हैं।
- यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि अल्लाह के नबियों की बात मानना और उनकी उम्मत में शामिल होना कितनी बड़ी नेमत है — जो लोग नबी की रहनुमाई में चले, वे अज़ाब से महफ़ूज़ रहे, और जिन्होंने झुठलाया वे तबाह हो गए।
- इस आयत से मुसलमान को यह सबक मिलता है कि वह अपनी ज़िंदगी में अल्लाह के हुक्मों की पैरवी करे और नबी की सुन्नत को थामे रहे, क्योंकि यही रास्ता दुनिया और आख़िरत की सलामती का ज़रिया है।
📜 आयत 76-80 — सूरा अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 78
सूरा अल-आराफ आयत 78 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तब उन्हें ज़लज़ले ने ले डाला और वह लोग ज़ानू…सूरा आयत 78/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 76–80. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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