अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- الصَّالِحُونَ: नेक और परहेज़गार लोग।
- دُونَ ذَٰلِكَ: उससे नीचे या कम दर्जे के।
- طَرَائِقَ قِدَدًا: अलग-अलग रास्ते, विभिन्न समूह और अलग-अलग विचारधाराएँ।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में जिन्नात की एक जमात अपनी कौम की सच्ची और ईमानदार गवाही दे रही है। वे कहते हैं: "हम जिन्नात में से कुछ नेक और परहेज़गार हैं, जो अल्लाह के आज्ञाकारी हैं और उसकी राह पर चलते हैं। और हम में से कुछ इससे नीचे दर्जे के हैं, यानी काफ़िर, फ़ासिक़ और गुनाहगार हैं। हम अलग-अलग रास्तों और विभिन्न समूहों में बँटे हुए थे — कोई सीधी राह पर था, तो कोई गुमराही में भटका हुआ था।"
यह कथन उस समय का है जब जिन्नात के एक समूह ने पैग़म्बर मुहम्मद (ﷺ) का क़ुरआन सुना और उससे प्रभावित होकर ईमान लाया। उन्होंने अपनी कौम की हालत बयान की कि हम में अच्छे और बुरे दोनों तरह के लोग थे, और हमारे विचार और रास्ते अलग-अलग थे। यह एक सच्चाई का इज़हार है कि हर समुदाय में नेक और बदकार लोग होते हैं, लेकिन जो लोग सच्चाई को सुनकर उसे क़बूल कर लेते हैं, वही कामयाब होते हैं।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि इंसान और जिन्नात दोनों में अच्छे और बुरे लोग होते हैं, लेकिन अल्लाह की रहमत और हिदायत उन्हें मिलती है जो सच्चाई सुनकर उसे अपनाते हैं। जिन्नात के उस समूह ने जब क़ुरआन सुना, तो उन्होंने तुरंत ईमान लाया और अपनी कौम को सीधी राह की दावत दी। यह हमारे लिए एक बहुत बड़ा सबक़ है कि हमें भी चाहिए कि जब हमें सच्चाई मिले, तो उसे न सिर्फ़ क़बूल करें, बल्कि दूसरों तक पहुँचाने का ज़रिया बनें। अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो अपने अंदर की बुराइयों को छोड़कर नेकी की राह अपनाते हैं। याद रखें, अल्लाह हर उस बंदे को हिदायत देता है जो सच्चे दिल से उसकी तरफ़ रुजू करता है।
📜 आयत 9-13 — अल-जिन्न
अनुवाद — अल-जिन्न 11
सूरा अल-जिन्न आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये कि हममें से कुछ लोग तो नेकोकार हैं…सूरा आयत 11/28 — अल-जिन्न الجن (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-जिन्न सुनें, अल-जिन्न अनुवाद, अल-जिन्न mp3, अल-जिन्न pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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