अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْمُسْلِمُونَ: अल्लाह के आगे आज्ञाकारिता में सिर झुकाने वाले, उसकी इबादत करने वाले।
- الْقَاسِطُونَ: जो सत्य मार्ग से भटक गए, अत्याचारी और अन्यायी।
- تَحَرَّوْا: उन्होंने जान-बूझकर खोजा, इरादा किया और चुना।
- رَشَدًا: भलाई, सीधा मार्ग और मार्गदर्शन।
तफसीर (व्याख्या):
इस आयत में जिन्नात की उस टोली का ज़िक्र है जिसने नबी करीम ﷺ की तिलावत सुनी और ईमान ले आया। वे कह रहे हैं कि हम में से कुछ लोग मुसलमान हैं, यानी अल्लाह के हुक्म के आगे सर झुकाने वाले और उसकी इबादत में लगे हुए हैं, और हम में से कुछ क़ासितून हैं, यानी सत्य से भटके हुए, जिन्होंने अल्लाह के साथ किसी को साझी ठहराया और रास्ते से हट गए।
फिर अल्लाह तआला ने इसका नतीजा बयान किया कि जिसने भी इस्लाम क़बूल किया और अल्लाह की आज्ञाकारिता को अपनाया, उसने जान-बूझकर सीधे रास्ते को चुना और अपने लिए भलाई और हिदायत का दरवाज़ा खोल लिया। ऐसे लोगों ने अपनी समझ और इरादे से सही रास्ते की तलाश की, और अल्लाह ने उन्हें उस तक पहुँचा दिया।
यह आयत हमें सिखाती है कि हर इंसान के सामने दो रास्ते हैं: एक इस्लाम और आज्ञाकारिता का, और दूसरा ज़ुल्म और भटकाव का। जो कोई भी सच्चे दिल से अल्लाह की तरफ लौटता है और उसके दीन को अपनाता है, वह अपने लिए सबसे बेहतरीन चीज़ चुनता है। यह चुनाव उसकी अपनी भलाई के लिए है, क्योंकि हिदायत और सीधा रास्ता ही असली कामयाबी है।
प्यारे भाइयों और बहनों! याद रखें, अल्लाह ने हमें अक़्ल और समझ दी है ताकि हम सही और गलत में फ़र्क कर सकें। जो लोग इस्लाम की रोशनी को अपनाते हैं, वे दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होते हैं। और जो इससे मुँह मोड़ते हैं, वे अपना ही नुक़सान करते हैं। अल्लाह तआला हम सबको सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 12-16 — अल-जिन्न
अनुवाद — अल-जिन्न 14
सूरा अल-जिन्न आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये कि हम में से कुछ लोग तो फ़रमाबरदार…सूरा आयत 14/28 — अल-जिन्न الجن (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-जिन्न सुनें, अल-जिन्न अनुवाद, अल-जिन्न mp3, अल-जिन्न pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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