अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْهُدَىٰ (अल-हुदा): मार्गदर्शन, यहाँ अर्थ है क़ुरआन।
- بَخْسًا (बख़्सन): कमी, नुक़्सान, घटाना।
- رَهَقًا (रहक़न): ज़ुल्म, अत्याचार, या पाप का बोझ।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत जिन्नात के उस समूह का क़ौल (कथन) है जिन्होंने नबी ﷺ का क़ुरआन सुनकर ईमान लाया। वे कह रहे हैं: "जब हमने क़ुरआन सुना, जो सीधे रास्ते की ओर मार्गदर्शन करता है, तो हमने उस पर ईमान ले आए।" यह उनके ईमान की सच्चाई और उनके दिलों में पैदा हुए यक़ीन का इज़हार है।
इसके बाद वे कहते हैं: "जो कोई अपने रब पर ईमान लाए, उसे न तो अपने अच्छे कर्मों में कमी का डर होगा और न ही उस पर ज़ुल्म होने का ख़तरा।" यानी अल्लाह तआला अपने बंदे के साथ नाइंसाफ़ी नहीं करेगा, न उसकी नेकियाँ घटाएगा और न उसके गुनाहों में बढ़ोतरी करेगा। यह अल्लाह के इंसाफ़ और उसकी रहमत की गवाही है।
इस आयत में एक बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी है: जो शख्स अल्लाह पर सच्चे दिल से ईमान लाता है, वह हर तरह के डर से निजात पा जाता है। उसे न तो अपने अमल के घटने का खौफ़ होता है और न ही किसी ज़ुल्म का अंदेशा। क्योंकि अल्लाह ने अपने क़ुरआन में वादा किया है कि वह किसी पर ज़ुल्म नहीं करेगा और हर नेकी का पूरा-पूरा बदला देगा।
यह आयत हमें सिखाती है कि ईमान की हक़ीक़त सिर्फ़ ज़बान से कहना नहीं, बल्कि दिल से तस्दीक़ करना और अमल से साबित करना है। जब जिन्नात ने क़ुरआन सुना तो फ़ौरन ईमान ले आए, और हम इंसानों को चाहिए कि हम क़ुरआन को सुनकर उस पर अमल करें। क़ुरआन ही वह हुदा (मार्गदर्शन) है जो इंसान को अंधेरों से निकालकर रौशनी की तरफ़ लाता है।
अल्लाह तआला से दुआ है कि वह हमें क़ुरआन को समझने, उस पर ईमान लाने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 11-15 — अल-जिन्न
अनुवाद — अल-जिन्न 13
सूरा अल-जिन्न आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये कि जब हमने हिदायत (की किताब) सुनी तो…सूरा आयत 13/28 — अल-जिन्न الجن (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-जिन्न सुनें, अल-जिन्न अनुवाद, अल-जिन्न mp3, अल-जिन्न pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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