अल-मुज्जम्मिल · 12/20
अनुवाद उच्चारण — अल-मुज्जम्मिल
إِنَّ لَدَيْنَا أَنكَالًا وَجَحِيمًا ۝١٢
Inna ladainaaa ankaalanw wa jaheemaa
📖 हिंदी अर्थ
बेशक हमारे पास बेड़ियाँ (भी) हैं और जलाने वाली आग (भी)

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَنكَالًا (अंकालन): भारी बेड़ियाँ, जंजीरें और लोहे के तौक जिनमें काफ़िरों को जकड़ा जाएगा।
  • جَحِيمًا (जहीम): भड़कती हुई आग, जो बहुत तेज़ और जलाने वाली हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में उन लोगों को सख़्त चेतावनी दे रहा है जो उसके रसूल ﷺ को झुठलाते हैं और सच्चाई के आगे सर नहीं झुकाते। फ़रमाता है कि उनके लिए हमारे पास भारी बेड़ियाँ हैं जो उनके हाथ-पैरों में डाली जाएँगी, और भड़कती हुई आग है जो उन्हें हर तरफ़ से घेर लेगी। यह सिर्फ़ एक साधारण सज़ा नहीं, बल्कि ऐसा अज़ाब है जिसकी कोई मिसाल नहीं।

यह आयत उन लोगों के लिए है जो दुनिया में मनमानी करते हैं, हक़ को दबाते हैं, और आख़िरत को भूल जाते हैं। अल्लाह ने उनके लिए ऐसी सज़ाएँ तैयार की हैं जो उनके कुकर्मों का पूरा बदला होंगी।

दावती पहलू:

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी ज़िंदगी कैसे गुज़ार रहे हैं। अल्लाह का डर हमें गुनाहों से रोकता है और उसकी रहमत की उम्मीद हमें नेकी की तरफ़ ले जाती है। यहाँ अल्लाह ने डराने के लिए जहन्नम का ज़िक्र किया है, ताकि हम उसकी नाफ़रमानी से बचें। लेकिन साथ ही वह बड़ा मेहरबान है, तौबा करने वालों को गले लगाता है। आओ, हम अपने रब की तरफ़ लौटें, उसके हुक्मों पर अमल करें और उस आग से बचने की कोशिश करें जो हमारे लिए नहीं बनाई गई। अल्लाह हमें सीधी राह दिखाए और जहन्नम की आग से महफ़ूज़ रखे। आमीन।



📜 आयत 10-14 — अल-मुज्जम्मिल

10وَاصْبِرْ عَلَىٰ مَا يَقُولُونَ وَاهْجُرْهُمْ هَجْرًا جَمِيلًا
और जो कुछ लोग बका करते हैं उस पर सब्र करो और उनसे बा उनवाने शाएस्ता अलग थलग रहो
11وَذَرْنِي وَالْمُكَذِّبِينَ أُولِي النَّعْمَةِ وَمَهِّلْهُمْ قَلِيلًا
और मुझे उन झुठलाने वालों से जो दौलतमन्द हैं समझ लेने दो और उनको थोड़ी सी मोहलत दे दो
12إِنَّ لَدَيْنَا أَنكَالًا وَجَحِيمًا
बेशक हमारे पास बेड़ियाँ (भी) हैं और जलाने वाली आग (भी)
13وَطَعَامًا ذَا غُصَّةٍ وَعَذَابًا أَلِيمًا
और गले में फँसने वाला खाना (भी) और दुख देने वाला अज़ाब (भी)
14يَوْمَ تَرْجُفُ الْأَرْضُ وَالْجِبَالُ وَكَانَتِ الْجِبَالُ كَثِيبًا مَّهِيلًا
जिस दिन ज़मीन और पहाड़ लरज़ने लगेंगे और पहाड़ रेत के टीले से भुर भुरे हो जाएँगे
अल-मुज्जम्मिलकुरान सूची
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अनुवाद — अल-मुज्जम्मिल 12

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Tuesday, August 18, 2026

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