अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ثِيَابَكَ (स्याबक): तुम्हारे कपड़े। कुछ मुफस्सिरीन (व्याख्याकारों) ने इसे 'नफ्स' (स्वयं) के अर्थ में लिया है, क्योंकि अरबी भाषा में कपड़े को कभी-कभी स्वयं के लिए भी प्रयोग किया जाता है।
- فَطَهِّرْ (फ़तह्हिर): पवित्र करो, साफ़ करो, शुद्ध करो।
विस्तृत व्याख्या:
अल्लाह तआला अपने प्यारे नबी ﷺ को संबोधित करते हुए फरमाता है: "और अपने कपड़ों को पवित्र रखो।" यह आदेश केवल ज़ाहिरी (बाहरी) पवित्रता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका गहरा अर्थ है।
इस आयत में 'कपड़ों को पवित्र करने' का मतलब है कि नमाज़, इबादत और हर अच्छे काम के लिए अपने शरीर और कपड़ों को नापाकी से साफ़ रखो। लेकिन इससे भी बढ़कर, यहाँ 'कपड़े' से मुराद 'दिल' और 'नफ्स' (स्वयं) की पवित्रता भी ली गई है। यानी अपने दिल को गुनाहों, कंजूसी, घमंड, रियाकारी और हर उस चीज़ से पाक रखो जो अल्लाह को नापसंद है।
यह आदेश हमें सिखाता है कि इस्लाम सिर्फ़ अंदरूनी (बातिनी) पवित्रता का नाम नहीं, बल्कि बाहरी (ज़ाहिरी) पवित्रता भी उतनी ही ज़रूरी है। जिस तरह दिल को गुनाहों से साफ़ रखना ज़रूरी है, उसी तरह कपड़ों और शरीर को भी नापाकी से पवित्र रखना चाहिए। यही पूर्ण ईमान की निशानी है।
प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला अपने बंदों से मुहब्बत रखता है और चाहता है कि वे हर तरह से पाक-साफ़ रहें। जब हम अपने कपड़े साफ़ रखेंगे, अपने दिल को गुनाहों से बचाएँगे, तो हमारी इबादत में भी लज़्ज़त आएगी और अल्लाह की रहमत भी हम पर नाज़िल होगी। याद रखिए, पवित्रता ईमान का आधा हिस्सा है। आइए, हम सब अपनी ज़िंदगी को इस तरह ढालें कि हमारा ज़ाहिर और बातिन दोनों पाक हों, ताकि हम अल्लाह के प्यारे बंदे बन सकें और आख़िरत में कामयाबी हासिल कर सकें।
📜 आयत 2-6 — अल-मुद्दस्सिर
अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 4
सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अपने कपड़े पाक रखोसूरा आयत 4/56 — अल-मुद्दस्सिर المدثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुद्दस्सिर सुनें, अल-मुद्दस्सिर अनुवाद, अल-मुद्दस्सिर mp3, अल-मुद्दस्सिर pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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